नगालैंड की भूतिया गुफा

नगालैंड के एक छोटे से गाँव में एक प्राचीन गुफा थी, जिसे ‘कालापानी गुफा’ कहा जाता था। गाँववाले कहते थे कि इस गुफा में कुछ ऐसा था, जिसे कोई भी इंसान जीवित बाहर नहीं लौट सकता था। गुफा के पास का क्षेत्र घना जंगल था, जहाँ अजीब आवाजें आती थीं। गाँववाले इस गुफा के पास जाने से डरते थे, क्योंकि किसी ने भी वहाँ जाने की हिम्मत नहीं की थी। केवल बुजुर्गों से सुनी हुई कहानियाँ ही लोगों को बताती थीं कि गुफा में क्या था।

यह कहानी एक युवा लड़के, मोनू, की है, जिसने सुनी थी यह डरावनी अफवाहें और यह तय किया कि वह गुफा का राज़ खोलेगा। मोनू एक साहसी और जिज्ञासु लड़का था, जो हमेशा नई-नई चीज़ें जानने के लिए उत्सुक रहता था। उसने सोचा कि अगर वह गुफा के भीतर जा सके और वहाँ का रहस्य उजागर कर सके, तो गाँव के लोग उसे सच्चा हीरो मानेंगे।

एक दिन, मोनू ने अपनी योजना बनाई और जंगल के भीतर गुफा की ओर रुख किया। गुफा तक पहुँचने के लिए उसे घने जंगल को पार करना पड़ा, जहाँ हर कदम पर अजीब सी आवाजें आती थीं। मोनू को लगा कि ये बस हवाओं का खेल है, लेकिन उसे यह महसूस हो रहा था कि कुछ और भी था। जैसे ही वह गुफा के पास पहुँचा, एक अजीब सी ठंडी हवा का झोंका आया, और गुफा का मुँह मानो उसे अंदर खींचने का प्रयास कर रहा था।

मोनू ने साहस जुटाया और गुफा में प्रवेश किया। अंदर अंधेरा था, और दीवारों से एक गहरी गूंजने वाली आवाज आ रही थी। जैसे ही उसने एक कदम अंदर बढ़ाया, उसे एक घना अंधेरा घेरने लगा, और उसकी आँखों के सामने एक हल्की सी रोशनी दिखाई दी। मोनू ने उस रोशनी की ओर बढ़ने का फैसला किया। जैसे-जैसे वह आगे बढ़ा, उसे गुफा की दीवारों पर कुछ अजीब से निशान दिखाई दिए, जैसे किसी ने अपनी उंगलियों से खींचे हों।

अचानक, मोनू ने सुनी एक आवाज, “तुम यहाँ क्या कर रहे हो?”

मोनू ने चौंकते हुए चारों ओर देखा, लेकिन कुछ नहीं था। आवाज फिर से आई, “तुमने इस जगह का राज़ जानने की कोशिश की, अब तुम कभी भी यहाँ से नहीं निकल पाओगे।”

मोनू की धड़कन तेज हो गई, और उसकी आँखें डर से चौड़ी हो गईं। वह महसूस कर रहा था कि वह अकेला नहीं था। गुफा के अंदर कुछ और था, जो उसे देख रहा था। फिर अचानक, गुफा के भीतर से कुछ गहरे और डरावने हलचल की आवाजें आने लगीं, जैसे कोई भारी कदम बढ़ा रहा हो। मोनू ने डर के बावजूद एक कदम और बढ़ाया और देखा कि गुफा की दीवार के पास एक पुराना मंदिर था, जो पूरी तरह से उजाड़ और धूल से भरा हुआ था।

मोनू ने मंदिर के अंदर देखा और देखा कि वहाँ एक शिला रखी हुई थी, जिस पर अजीब से निशान बने हुए थे। वह शिला किसी प्राचीन पूजा स्थल का हिस्सा प्रतीत हो रही थी। मोनू ने जैसे ही उस शिला को छुआ, गुफा में अजीब सी आवाजें और भी तेज़ हो गईं। अचानक, एक कटा-फटा चेहरा सामने आ गया, और मोनू के रोंगटे खड़े हो गए।

“तुमने मेरा अपमान किया है!” वह चेहरा चीखा, और मोनू ने महसूस किया कि वह अब एक भयावह शक्ति के जाल में फंस चुका था। वह चेहरा धीरे-धीरे एक पूरी आकृति में बदलने लगा और मोनू को अपनी ओर खींचने लगा।

मोनू ने डरते हुए एक आखिरी कोशिश की और वहाँ से भागने की कोशिश की, लेकिन जैसे ही वह मुड़ा, गुफा का मुँह बंद हो गया। अब वह पूरी तरह से अंदर फंस चुका था। उसकी आँखों में और भी अंधेरा छा गया, और उसे लगा कि यह कोई सामान्य गुफा नहीं है, बल्कि एक काले जादू और प्राचीन आत्माओं का घर है।

मोनू के पास अब एकमात्र विकल्प था—या तो वह डरकर गुफा में ही फंसा रहेगा, या फिर साहसिक कदम उठाकर खुद को इस अंधेरे से बाहर निकालेगा। उसकी सांसें तेज़ हो गईं, और उसका दिल किसी बहे हुए तूफ़ान की तरह धड़क रहा था। उसने देखा कि गुफा का मुँह अब पूरी तरह से बंद हो चुका था, जैसे कोई अदृश्य शक्ति उसे पकड़ कर अंदर खींच रही हो।

“तुम नहीं निकल पाओगे, तुम हमारी दुनिया में आ गए हो,” वह भयंकर आवाज़ फिर से आई। मोनू ने खुद को शांत रखने की कोशिश की, लेकिन उसकी आँखों के सामने अब वही कटा-फटा चेहरा और उसकी भयावह मुस्कान उभर आई। वह चेहरा धीरे-धीरे रूप बदलता गया और एक विशाल, काले प्रेत की शक्ल में सामने खड़ा हो गया। उसकी लंबी-पतली उंगलियाँ मोनू की ओर बढ़ने लगीं, और उसकी छाया गुफा के हर कोने में फैलने लगी।

मोनू की हालत बहुत बुरी हो चुकी थी। उसकी आँखों में अंधेरा छाने लगा था, जैसे उसे पूरी गुफा निगलने वाली हो। लेकिन उसने डर को नकारते हुए अपनी पूरी ताकत जुटाई और चिल्लाया, “मुझे जाने दो! मुझे इस महा-ब्रह्म के जाल से बाहर जाने दो!”

प्रेत की हंसी और भी तेज़ हो गई। “तुम क्या सोचते हो? तुम हमारा हिस्सा बन चुके हो, अब तुम हमारे साथ रहोगे।”

मोनू की आँखों के सामने एक और तस्वीर उभरने लगी। यह वही गुफा थी, लेकिन समय के साथ यहाँ एक मंदिर बन चुका था। यह प्राचीन स्थल एक शक्तिशाली युग का हिस्सा था, और यहाँ के लोगों ने इस गुफा में प्रवेश करने से पहले बहुत भयानक बलिदान दिए थे। मोनू ने महसूस किया कि यह प्राचीन मंदिर वास्तव में एक बुरी आत्मा को अपने भीतर समेटे हुए था, जो गुफा की परिधि में बसी हुई थी।

मोनू ने सोचा कि अगर वह इस भूतिया प्रेत को हराना चाहता था, तो उसे इस गुफा के इतिहास को समझना होगा। उसने मंदिर की दीवारों को ध्यान से देखा और देखा कि वहाँ कुछ प्राचीन चित्र थे, जो गुफा के पहले निवासियों की कहानी बताते थे। उन चित्रों में एक अदृश्य शक्ति और एक बुरी आत्मा की चित्रकारी थी, जो गुफा में एक असमर्थ जीव के रूप में फंसी हुई थी। मोनू ने अनुमान लगाया कि यह आत्मा किसी समय इस गुफा के अंदर रहने वाले किसी व्यक्ति का हिस्सा रही होगी और अब उसे अपनी बुराई का बदला लेना था।

उसने देखा कि गुफा के अंधेरे में छिपी हुई एक पुरानी पुस्तक पड़ी थी, जो शायद इन आत्माओं के रहस्य को सुलझा सकती थी। मोनू ने वह किताब उठाई और उसमें लिखे हुए शाप और मंत्रों को पढ़ना शुरू किया। उसमें लिखा था कि इस गुफा के भीतर एक शक्ति दबी हुई थी, जिसे अगर किसी ने मुक्त कर दिया, तो वह शक्ति या तो आत्मा को शांति दे सकती थी या उसे और शक्तिशाली बना सकती थी। मोनू ने उस किताब में लिखे मंत्रों को ध्यान से पढ़ते हुए एक विशेष यंत्रणा मंत्र पढ़ा, जिसे बोलने से वह प्रेत शक्ति कमजोर हो सकती थी।

मोनू ने बिना किसी हिचकिचाहट के मंत्र पढ़ना शुरू किया। जैसे ही उसने मंत्र का उच्चारण किया, गुफा के भीतर एक अजीब सी हलचल मचने लगी। दीवारों से रौशनी झाँकने लगी, और एक तेज़ ध्वनि गूंजने लगी। अचानक, प्रेत का चेहरा मोनू के सामने उभरा और वह गर्जना करने लगा, “तुमने यह क्या किया? तुमने हमारी शक्ति को छीन लिया!”

मोनू को लगा कि अब वह उस प्रेत से मुक्त हो सकता है। जैसे ही मंत्र समाप्त हुआ, गुफा में एक धुंआ छाया और एक तेज़ झंकार के साथ प्रेत का चेहरा गायब हो गया। मोनू ने महसूस किया कि अब गुफा का माहौल बदल चुका था। वह गुफा जो पहले डर और अंधेरे से भरी हुई थी, अब शांति से भर चुकी थी।

लेकिन, तभी मोनू ने देखा कि गुफा में कोई हलचल हो रही थी। उसने देखा कि प्राचीन शिला, जिसपर वह पहले ध्यान दे चुका था, अब धीरे-धीरे टूट रही थी। जैसे ही शिला का एक हिस्सा गिरा, एक और अदृश्य शक्ति ने गुफा को अपने आगोश में लिया। मोनू को लगा कि वह किसी नई मुसीबत में फंसने जा रहा है।

गुफा के भीतर की हलचल ने उसे एक बार फिर चेतावनी दी, “तुम हमें खत्म नहीं कर सकते। हम यहाँ के आत्मा हैं, हम कभी नहीं मर सकते।”

मोनू ने गुफा से बाहर निकलने की पूरी कोशिश की। लेकिन अब यह वह गुफा नहीं थी जिसे वह जानता था। वह एक अलग, भयानक रूप में सामने आ रही थी।

मोनू की आँखों में अब भय के साथ-साथ एक गहरी जिज्ञासा भी थी। वह महसूस कर रहा था कि गुफा में कुछ और है—कुछ जो अब तक उसकी समझ से बाहर था। जैसे ही शिला गिर कर चटकने लगी, गुफा की दीवारों में एक अजीब सी खनक गूंजने लगी। अब मोनू के सामने कुछ और शक्तिशाली चीज़ खड़ी थी, जिससे वह न कभी रुका था और न ही कभी देखी थी। गुफा की रोशनी और भी तेज़ हो गई, और वह पूरी तरह से महसूस करने लगा कि अब गुफा उसका पीछा नहीं छोड़ने वाली थी।

वह बिना किसी योजना के भागने की कोशिश करता रहा, लेकिन हर कदम पर गुफा की दीवारों ने उसे और भी दूर धकेल दिया। उसकी दुनिया अब बिखर चुकी थी, और उसका मन घबराया हुआ था। उसने डरते हुए मुड़कर देखा, और उसे लगा कि वह गुफा का हिस्सा बन चुका था। अचानक एक भयंकर गर्जना सुनाई दी, जैसे गुफा के भीतर एक भयानक ताकत जाग उठी हो। मोनू ने समझ लिया कि वह अब किसी सामान्य गुफा में नहीं था, बल्कि यह एक प्राचीन पाप का घर था।

“तुम नहीं बच सकोगे, मोनू!” गुफा के भीतर से एक आवाज आई, जो अब उसकी नसों में समा गई थी। मोनू ने हर उस जगह को देखा जहाँ वह पहले था, लेकिन अब सब कुछ बदल चुका था। जहाँ पहले अंधेरा था, वहाँ अब उभरती हुई रोशनी थी—वह रोशनी अब एक भूतिया शक्ति की ओर इशारा कर रही थी। उसकी आँखें अब गुफा के भीतर के पलों से भरी हुई थीं, और उसकी चेतना को यह अनुभव हो रहा था कि कोई अनदेखी शक्ति उसकी ओर बढ़ रही थी।

मोनू ने सोचा, “अगर मैं यहाँ से बाहर नहीं निकला, तो यह सब खत्म हो जाएगा।” वह डरे हुए तरीके से एक बार फिर से गुफा के मार्ग से बाहर निकलने का प्रयास करता है, लेकिन रास्ते के हर मोड़ पर वही शक्ति उसके सामने थी। अब वह समझ चुका था कि यहाँ से बचकर निकलने के लिए उसे इस गुफा के अंदर समाई ताकतों का सामना करना होगा।

उसने गहरी साँस ली और गुफा की दीवारों को छुआ। अब उसे महसूस हो रहा था कि गुफा में कुछ और था—कुछ जो उसे प्रभावित कर रहा था। अचानक, गुफा के एक कोने से एक और आवाज सुनाई दी, “तुमने हमें नहीं पहचाना, मोनू। अब तुम्हारा समय आ चुका है।” मोनू की आँखें चौड़ी हो गईं, और उसने देखा कि वह आवाज एक आकृति में बदल रही थी।

आकृति धीरे-धीरे एक भूतिया रूप में बदलने लगी, और मोनू के सामने एक पुरानी महिला खड़ी थी, जिसकी आँखें काली थीं और चेहरा फीका पड़ा हुआ था। उसका चेहरा बिल्कुल वही था जो मोनू ने पहले गुफा की दीवारों पर चित्रित देखा था। उसकी आँखें अब मोनू की ओर बढ़ने लगीं और वह बोली, “तुमने हमारे पाप का हिसाब नहीं लिया है। अब तुम हमारा हिस्सा बनोगे।”

मोनू के पास अब कोई रास्ता नहीं था, लेकिन उसकी आँखों में दृढ़ता और साहस था। उसने एक बार फिर से किताब में पढ़े गए मंत्रों को याद किया और दिल से मंत्रोच्चारण करना शुरू किया। जैसे ही उसने मंत्र का उच्चारण किया, गुफा में एक घना अंधेरा छा गया और सभी भूतिया आकृतियाँ गायब हो गईं। लेकिन मोनू को अब यह एहसास हुआ कि गुफा में अब भी कुछ रहस्यमय शक्ति है।

कुछ समय बाद, गुफा में अचानक ठंडी हवाएँ चलने लगीं और दीवारों से रोशनी की किरणें निकलने लगीं। मोनू ने महसूस किया कि गुफा की शक्ति अब धीमी पड़ रही थी। वह धीरे-धीरे गुफा से बाहर जाने की कोशिश कर रहा था, और इस बार वह बिना किसी डर के गुफा के बाहर आ गया। जब वह बाहर आया, तो उसने देखा कि आसपास का जंगल पहले की तरह शांत और प्राकृतिक लग रहा था। लेकिन एक बात उसने महसूस की—गुफा में जो शक्ति थी, वह अब भी उसे पीछे से घेर रही थी।

मोनू ने देखा कि उसकी घड़ी और फोन काम नहीं कर रहे थे, और उसे समझ में आ गया कि उसने जो कुछ भी गुफा के भीतर देखा, वह सब कुछ अलग था। अब वह जानता था कि गुफा के भीतर बसी आत्माएँ और शक्तियाँ कभी भी उसे परेशान कर सकती हैं।

वह जंगल के बाहर आया और गाँव में लौटने के लिए चल पड़ा। गाँववाले जब उसे देखे, तो उन्होंने समझा कि वह एक नया आदमी बनकर लौटा है। मोनू ने उन्हें गुफा के बारे में बताया, लेकिन उसने सबको एक सलाह दी—”गुफा का राज़ कभी न खोलें। कभी भी उस गुफा के अंदर जाने की कोशिश मत करना। वह एक ऐसी जगह है, जहां से कोई जीवित नहीं लौट सकता।”

गाँववालों ने मोनू की बातों को गंभीरता से लिया और गुफा के पास जाने से हमेशा बचते रहे। मोनू ने भी यह ठान लिया कि वह इस रहस्यमयी जगह से हमेशा दूर रहेगा, क्योंकि उसे पता चल चुका था कि जो एक बार उस गुफा के अंदर जाता है, वह केवल एक भूतिया आत्मा बनकर लौटता है।


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