स्थानीय मान्यता:
उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल जिले में स्थित टनल नंबर 33, भारतीय रेलवे के नेटवर्क का एक हिस्सा है, जिसे एक भूतिया और डरावना स्थान माना जाता है। यह सुरंग बहुत ही पुरानी है और ब्रिटिश काल में बनाई गई थी। सुरंग का निर्माण उस समय बहुत जोखिमपूर्ण था, और कहा जाता है कि निर्माण के दौरान कई मजदूरों की मृत्यु हो गई थी। इसके बाद से इस सुरंग में अजीब घटनाओं का होना शुरू हो गया।
💡 पहली घटना – आवाजें और हलचल:
यह घटना 1930 के दशक की है, जब एक ट्रेन चालक ने अपनी ट्रेन टनल नंबर 33 से गुजरते हुए वहां अजीब आवाजें सुनीं। सुरंग के भीतर से किसी के चीखने की आवाज आई। ट्रेन चालक ने डर के मारे ट्रेन रोक दी और घटनास्थल पर गए, लेकिन वहां कुछ नहीं मिला। वह पूरी तरह से भ्रमित था और इस घटना के बारे में उसने अपने सहकर्मियों को बताया। बाद में जब इस बारे में स्थानीय लोगों से पूछा गया तो पता चला कि इससे पहले भी कई लोगों ने ऐसी आवाजें सुनी थीं, लेकिन इसे दरकिनार कर दिया गया था।
⚡ दूसरी घटना – रात में जलती हुई रोशनी:
कई सालों बाद, एक और ट्रेन चालक ने टनल के अंदर एक जलती हुई रोशनी देखी। वह सोच रहा था कि शायद यह किसी अन्य ट्रेन की लाइट हो, लेकिन जब उसने पास जाकर देखा तो वहां कोई भी नहीं था। उस रात की यह घटना टनल की डरावनी कहानियों में और इजाफा कर गई।
🧠 मृत मजदूरों की आत्माएं:
स्थानीय लोग मानते हैं कि टनल नंबर 33 में कई साल पहले मारे गए मजदूरों की आत्माएं भटक रही हैं। कहा जाता है कि इन मजदूरों की असमय मृत्यु उस दौरान हुई जब सुरंग के निर्माण में छत गिरने के कारण कई मजदूरों की जान चली गई थी। उनके दुखों और असमय मृत्यु के कारण उनकी आत्माएं अब इस सुरंग में घूमती रहती हैं, जो सुरंग से गुजरने वाले लोगों को अजीब घटनाओं का सामना कराती हैं।
🚨 कई गायब लोग:
टनल नंबर 33 से कई लोग अचानक गायब हो गए थे। यह घटनाएं और भी रहस्यमयी हो गईं क्योंकि इन गायब लोगों का कभी भी कोई पता नहीं चला। वे लोग टनल के भीतर से गुजरते हुए अचानक लापता हो गए, और उनके बाद कोई भी सुरंग के अंदर नहीं जा पाया। कई बार स्थानीय प्रशासन ने इन गायब लोगों की खोज करने की कोशिश की, लेकिन किसी भी प्रकार का ठोस सुराग नहीं मिला।
⚠️ ब्रिटिश इंजीनियर की आत्मा:
एक और स्थानीय मान्यता है कि टनल नंबर 33 में एक ब्रिटिश इंजीनियर की आत्मा भटक रही है, जो सुरंग के निर्माण के दौरान मारा गया था। कहा जाता है कि वह इंजीनियर अब भी इस सुरंग में भटकता है और जो लोग यहां से गुजरते हैं, उनकी दिशा को बदल देता है या फिर उन्हें अजनबी घटनाओं का सामना कराता है।
❗ एक और डरावनी घटना:
कुछ महीने पहले एक और घटना घटी, जब एक यात्री ने रात के समय टनल से गुजरते हुए देखा कि सुरंग में कोई अजनबी खड़ा था। जैसे ही वह ट्रेन चालक ने सुरंग के अंदर जाकर देखा, वह अजनबी गायब हो गया। यह घटना यात्री और चालक दोनों के लिए डर का कारण बनी। अब तक इस प्रकार की घटनाओं की संख्या में बढ़ोतरी होती जा रही है।
💥 स्थानीय लोग और उनका डर:
स्थानीय लोग इस सुरंग के बारे में बहुत डरते हैं। वे मानते हैं कि इस सुरंग में जो भी रात के समय जाता है, उसे अजीब अनुभवों का सामना करना पड़ता है। कई लोग कहते हैं कि सुरंग के पास जाने पर वहां से किसी के देखे जाने की आभास होती है और कभी-कभी सुरंग के भीतर से जोर-जोर से चीखने की आवाजें आती हैं।
⚡ इस जगह का प्रभाव:
टनल नंबर 33 को लेकर अब तक कई तरह की कथाएं बन चुकी हैं। कभी यह कहा जाता है कि यह स्थान किसी पुराने किले का हिस्सा था, जहां की आत्माएं अब इस सुरंग में बसी हुई हैं। कभी यह माना जाता है कि यह स्थान प्रकृति के किसी रहस्यमय शक्ति से जुड़ा हुआ है। जो भी हो, यह सुरंग आज भी अपने रहस्यों को अपने भीतर समेटे हुए है।
🧠 अब भी जीवित है डर:
आज भी टनल नंबर 33 के पास से गुजरते वक्त लोगों को डर महसूस होता है। कई लोग कहते हैं कि इस सुरंग के पास से गुजरते हुए उन्हें ऐसा लगता है कि कोई उन्हें देख रहा हो या उनके पास आ रहा हो। कुछ लोग कहते हैं कि वहां के आसपास की हवा भी अजीब सी हो जाती है।
टनल नंबर 33 एक ऐसा स्थान है जो आज भी रहस्य और डर का स्रोत बना हुआ है। क्या यह सुरंग सच में भूतिया है या यह सिर्फ एक मिथक है, यह सवाल आज भी अनुत्तरित है। लेकिन जो भी इस स्थान से गुजरता है, उसे यहां की अजीब घटनाओं का सामना जरूर करना पड़ता है। यह सुरंग अब तक एक अज्ञेय और डरावनी जगह के रूप में जानी जाती है, और इसके रहस्यों को लेकर स्थानीय लोग आज भी आशंकित रहते हैं।