बैंगलोर का वह होस्टल हमेशा से अपनी हलचल और खुशहाल माहौल के लिए प्रसिद्ध था। यह एक पुराना, लेकिन मजबूत बिल्डिंग था, जिसमें छोटे-छोटे कमरे, एक बड़ा हॉल और एक हरे-भरे बगीचे से घिरा हुआ था। कॉलेज के छात्रों से भरे इस होस्टल में हर दिन नए दोस्त बनते थे और पुरानी दोस्ती और मज़ेदार यादें बनती जाती थीं।
कहानी की शुरुआत अमन और दीपिका से होती है, जो हाल ही में बैंगलोर के एक प्रसिद्ध कॉलेज में पढ़ाई के लिए आए थे और इस होस्टल में नए थे। उनके लिए यह एक नया अनुभव था, और वे दोनों एक-दूसरे को अपने नए जीवन के बारे में बात करते हुए समय बिता रहे थे।
अमन एक शांत और अंतर्मुखी लड़का था, जबकि दीपिका थोड़ी बोल्ड और तेज-तर्रार थी। दोनों ही होस्टल के पहले दिन से ही एक-दूसरे के अच्छे दोस्त बन गए थे। लेकिन जैसा कि होता है, होस्टल के माहौल में हमेशा कुछ अजीब घटनाएँ घटती रहती हैं, जो लोगों की ज़िंदगी को उलझा देती हैं।
अमन: (दीपिका से) “तुम्हें लगता है, यह होस्टल सच में इतना शांत रहेगा? मैं तो महसूस कर रहा हूँ कि यहाँ कुछ और ही हो रहा है।”
दीपिका: (हँसते हुए) “अरे, तुम शुरू हो गए। यह एक कॉलेज होस्टल है, यार। यहाँ बहुत सारी अजीब चीजें होंगी। तुम सिर्फ पढ़ाई पर ध्यान दो, बाकी सब ठीक हो जाएगा।”
लेकिन अमन का मन शांत नहीं था। उसे लगता था कि कुछ गलत हो रहा है। यहाँ के पुराने कमरे और गलियारों में कुछ खामोशी थी, जो उसे परेशान कर रही थी।
एक रात, जब दोनों दोस्त होस्टल की चाय की चुस्कियों का आनंद ले रहे थे, अचानक एक गहरी आवाज़ सुनाई दी, जैसे किसी ने तेज़ी से दरवाजे को खटखटाया हो। दीपिका और अमन दोनों चौंके।
दीपिका: (चौंकते हुए) “क्या था वह? तुम्हें भी तो आवाज़ सुनाई दी?”
अमन: (चिंतित होकर) “हां, मुझे भी। क्या कोई और था या फिर किसी ने दरवाजे को खटखटाया?”
दोनों ने इधर-उधर देखा, लेकिन वहाँ कोई नहीं था। यह डरावना माहौल था, और दोनों को अब होस्टल में कुछ अजीब सा महसूस होने लगा था। रात धीरे-धीरे गहरी होती गई, लेकिन दोनों को चैन नहीं आया।
अगले दिन, दीपिका ने एक और होस्टल के पुराने छात्र से इस बारे में बात की। उसने बताया कि इस होस्टल में कई पुरानी कहानियाँ हैं, जिनके बारे में बहुत कम लोग जानते हैं। यह होस्टल कभी एक बड़े और संपन्न परिवार का घर हुआ करता था, लेकिन किसी अज्ञात कारण से वह परिवार गायब हो गया। तब से कई लोग कहते हैं कि इस जगह पर उनकी आत्माएँ वास करती हैं।
दीपिका: (अमन से) “तुम्हें लगता है कि यहाँ कुछ सच में है? क्या हो सकता है कि हमें डराने के लिए कोई कहानियाँ बनाई गई हों?”
अमन: (चिंतित होकर) “मुझे नहीं पता, लेकिन कुछ तो अजीब है। हो सकता है कि वे बातें सच हो।”
अमन और दीपिका ने सोचा कि अब और डरने का समय नहीं है, और उन्हें यह साबित करना चाहिए कि यह सब सिर्फ एक भ्रम था। लेकिन जैसे-जैसे समय बीतता गया, उन दोनों को होस्टल में और भी अजीब घटनाएँ महसूस होने लगीं। रात में अचानक बत्तियाँ चली जातीं, और कभी-कभी बिना किसी वजह के ठंडी हवा चलने लगती थी। और सबसे अजीब बात यह थी कि रात को कभी-कभी एक धुंधली छाया उनके कमरे में दिखाई देती थी।
अमन अब पूरी तरह से परेशान था और उसने फैसला किया कि वह खुद इस रहस्य को सुलझाएगा।
अमन और दीपिका के मन में अब एक सवाल था जो उन्हें हर पल सताता रहता था। क्या सचमुच इस होस्टल में कुछ अजीब हो रहा है? वे रात को अपनी आँखों पर यकीन नहीं कर पा रहे थे, लेकिन जिस तरह की घटनाएँ घट रही थीं, वह न सिर्फ डरावनी थीं, बल्कि उन्हें यह भी समझ में आ रहा था कि यह सिर्फ इत्तफाक नहीं हो सकता।
रात के वक्त, जब बाकी सभी छात्र अपने कमरे में सो रहे होते थे, अमन और दीपिका ने एक बार फिर से मिलकर उस रहस्यमयी ताकत के बारे में पता लगाने का फैसला किया। उन्होंने सोचा कि अगर वे इस होस्टल के पुराने इतिहास को जान लें, तो शायद उन्हें इसका जवाब मिल सके।
अमन और दीपिका ने एक पुराने छात्र से पूछा, जो लंबे समय से उस होस्टल में रह रहा था। उसने उन्हें धीरे-धीरे कुछ और डरावनी बातें बताई।
पुराना छात्र: (धीरे से) “तुम दोनों ने ठीक सुना। यह होस्टल पहले एक बड़े परिवार का घर हुआ करता था। एक दिन, परिवार के सभी लोग अचानक गायब हो गए। किसी को नहीं पता कि वे कहां गए। बाद में, लोगों ने यह सुना कि परिवार के एक सदस्य की आत्मा इस होस्टल में बसी हुई है। जो भी यहाँ आता है, उसे उस आत्मा का सामना करना पड़ता है।”
दीपिका: (घबराते हुए) “लेकिन ऐसा क्यों? क्या वह आत्मा हमें नुकसान पहुँचाने आई है?”
पुराना छात्र: “नहीं, नहीं। वह आत्मा सिर्फ अपनी सच्चाई खोज रही है। अगर तुम समझ सको तो शायद तुम्हारी मदद कर सकती है। लेकिन याद रखना, उसे डराना मत। उसकी आत्मा को शांति चाहिए।”
अमन और दीपिका अब पूरी तरह से परेशान हो गए थे। उन्हें यह समझ में आ गया था कि होस्टल में कुछ गहरी और खौ़फनाक बात है। लेकिन इस बार उन्होंने मन बना लिया था कि वह खुद इस रहस्य को सुलझाएंगे। वे दोनों रात को अकेले महल के पुराने हिस्से में जाने का निर्णय लेते हैं।
वह रात एकदम शांत थी, जैसे आसमान ने भी अपनी साँसें रोक ली हो। दोनों चुपचाप अपने कदमों से गेट की ओर बढ़ते हैं। जैसे ही वे अंदर दाखिल होते हैं, होस्टल की पुरानी दीवारों से अजीब सी आवाजें आ रही थीं। सन्नाटा अब और भी गहरा हो गया था, और जैसे-जैसे वे महल के अंदर गए, एक अजीब सी ठंडी हवा उनका स्वागत करती है।
अचानक, दीपिका ने देखा कि दीवार पर एक पुरानी तस्वीर लटकी हुई थी। तस्वीर में एक परिवार था, लेकिन एक व्यक्ति की आँखें असामान्य रूप से चमक रही थीं। दीपिका ने ध्यान से देखा और कहा, “क्या तुमने वह देखा?”
अमन: (घबराते हुए) “यह वह परिवार हो सकता है जिसके बारे में हमें बताया गया था। उस व्यक्ति की आँखें… वह किसी आत्मा जैसी लग रही हैं।”
दीपिका: (काँपते हुए) “क्या हम आगे बढ़ें?”
अमन ने गहरी सांस ली और कहा, “हां, हमें इस रहस्य को सुलझाना होगा। अगर हम डरते रहे, तो हम कभी नहीं जान पाएंगे कि यह सब क्यों हो रहा है।”
दोनों धीरे-धीरे महल के भीतर और आगे बढ़े, जहाँ पुराने दरवाजे और टूटी हुई दीवारें थीं। जैसे ही वे एक पुराने कमरे के पास पहुंचे, एक अजीब सी आवाज सुनाई दी – जैसे किसी ने हलके से उन्हें पुकारा हो। यह आवाज बहुत धीमी थी, लेकिन वह सुन सकते थे।
दीपिका: (फुसफुसाते हुए) “यह… यह आवाज कहां से आ रही है?”
अमन ने ध्यान से सुना और फिर कमरे के अंदर जाने का इशारा किया। जैसे ही उन्होंने कमरे का दरवाजा खोला, अंदर का दृश्य बेहद अजीब था। कमरे के एक कोने में पुरानी किताबें और टूटे-फूटे फर्नीचर पड़े थे। लेकिन कमरे के बीच में, एक पुरानी डायरी रखी थी, जिस पर धूल की मोटी परत जमी हुई थी।
अमन: “यह क्या है? क्या तुम्हें लगता है कि यह हमें कुछ बता सकती है?”
दीपिका: (संदेह के साथ) “चलो, इसे खोलते हैं। हो सकता है, इसमें कुछ सुराग हो।”
अमन ने धीरे-धीरे डायरी खोली और पढ़ना शुरू किया। डायरी में एक अजीब सा खौ़फनाक लेख था जो यह बता रहा था कि कैसे वह परिवार एक बुरी शक्ति के प्रभाव में था। परिवार के एक सदस्य ने जादू का सहारा लिया था, और यह जादू पूरी तरह से गलत दिशा में चला गया था। उसी जादू की वजह से वह परिवार एक अजीब सी ताकत के शिकंजे में फंस गया था, जो अब होस्टल के रूप में बसी हुई थी।
अमन: “यह तो सच है। यह डायरी बता रही है कि वह परिवार किसी जादू के कारण यहाँ फंसा था। और अब उनकी आत्माएँ इस जगह में बसी हुई हैं।”
दीपिका: “लेकिन हमें क्या करना होगा? क्या हम इन्हें शांति दे सकते हैं?”
अमन: (दृढ़ होकर) “अगर हमें इस रहस्य को सुलझाना है, तो हमें उस जादू को खत्म करना होगा जो अब तक इस जगह को घेर चुका है।”
अमन और दीपिका ने तय किया कि वे इस जादू को खत्म करने के लिए महल के अंदर जाकर उसकी जड़ों को पूरी तरह से समाप्त करेंगे। वे दोनों एकजुट होकर उस रहस्य से जूझने के लिए तैयार थे, जो इस होस्टल की दीवारों में समाया हुआ था।
अमन और दीपिका ने अब यह ठान लिया था कि उन्हें इस रहस्यमय जादू को खत्म करना ही होगा, जो इस होस्टल की आत्माओं को त्रस्त कर रहा था। डायरी में मिले सुरागों ने उन्हें यह समझने में मदद की थी कि यह जादू कहीं ना कहीं इस होस्टल के अंदर ही बसा हुआ था। और वह जादू किसी तरह से उस परिवार के एक सदस्य ने किया था, जो अब इस होस्टल के रूप में बसी हुई आत्माओं का कारण बना था।
अमन: (दीपिका से) “हमें उन आत्माओं को शांति देने के लिए वह जादू खत्म करना होगा। लेकिन हमें यह भी समझना होगा कि वह जादू कहाँ और कैसे किया गया था।”
दीपिका: (उत्सुक होकर) “डायरी में कुछ और लिखा था, है न? क्या हम और पढ़ सकते हैं?”
अमन: “हां, लेकिन हमें बहुत ध्यान से पढ़ना होगा। यह जादू इतना शक्तिशाली था कि हमें गलती करने का कोई मौका नहीं मिल सकता।”
वे दोनों वापस उसी कमरे में लौटते हैं, जहाँ पुरानी डायरी पड़ी थी, और उसे ध्यान से पढ़ते हैं। एक पन्ने पर, उन्हें एक विशेष मंत्र मिलता है, जिसमें बताया गया था कि उस जादू को खत्म करने के लिए एक विशेष समय और एक विशेष स्थान की आवश्यकता होती है।
अमन: (पढ़ते हुए) “यह देखो, लिखा है कि अगर सही समय और सही जगह पर जादू का अंत किया जाए, तो आत्माएँ शांति प्राप्त कर सकती हैं।”
दीपिका: “यह मंत्र और क्या कहता है? हमें किस जगह जाना होगा?”
अमन: “यह कहता है कि हमें रात के तीसरे पहर में उस महल के पुराने कक्ष में जाना होगा, जहाँ जादू किया गया था। वहीं वह जादू खत्म किया जा सकता है।”
अमन और दीपिका को अब एक और चुनौती का सामना था – वे उस कक्ष तक कैसे पहुँचेंगे? क्या सच में जादू को खत्म किया जा सकता था? वे दोनों जानते थे कि यह सिर्फ एक आदर्श जादू का मंत्र नहीं था, बल्कि एक खतरनाक यात्रा थी।
रात का समय आ गया। घना अंधेरा था, और होस्टल का माहौल भी ठंडा और अजीब सा महसूस हो रहा था। अमन और दीपिका धीरे-धीरे महल के उस पुराने कक्ष की ओर बढ़े। रास्ते में, उन्हें कभी-कभी वही ठंडी हवा महसूस होती, और कभी-कभी किसी के पैरों की आवाज़ सुनाई देती थी। यह संकेत थे कि वह आत्माएँ अभी भी आसपास थीं।
दीपिका: (घबराते हुए) “क्या तुमने यह आवाज़ सुनी? लगता है जैसे कोई हमारे पीछे चल रहा हो।”
अमन: (संयमित होकर) “हां, लेकिन हमें डरना नहीं है। हमें उस कक्ष तक पहुँचने का तरीका जानना है।”
दोनों ने धीरे-धीरे पुराने कक्ष की ओर कदम बढ़ाए। कक्ष के दरवाजे पर एक पुराना ताला लटका हुआ था, और वह ताला भी लगभग उसी जादू के प्रभाव में था, जिसे खत्म करने के लिए वे यहाँ आए थे। अमन ने हिम्मत दिखाई और ताले को खोलने की कोशिश की। ताला एक घिनौनी आवाज के साथ खुल गया, जैसे कि दरवाजा खुद को खोलने से मना कर रहा हो।
अंदर का दृश्य बहुत ही अजीब था। कमरे की दीवारों पर तंत्र-मंत्र के संकेत बने थे, और बीच में एक पुरानी पूजा की वेदी रखी हुई थी। वहां से एक खौ़फनाक ठंडी हवा आ रही थी, और कमरे का माहौल बहुत ही भयानक था।
दीपिका: (घबराते हुए) “यह वो जगह है। यही वह कक्ष है जहाँ जादू किया गया था।”
अमन ने गहरी सांस ली और कहा, “हमने जो कदम उठाया है, वह हमें पीछे नहीं हटने देगा। हमें इस जादू को खत्म करना ही होगा।”
उन्होंने वह मंत्र दुहराया जो उन्होंने डायरी से पढ़ा था, और जैसे ही मंत्र के शब्द हवा में गूंजे, कमरे की दीवारों पर अजीब सी रोशनी चमकने लगी। लेकिन तभी, एक अजीब सी ऊर्जा ने दोनों को अपनी ओर खींच लिया। ऐसा लगा जैसे कमरे में मौजूद आत्माएँ उन्हें पकड़ने की कोशिश कर रही हों। एक औरत की चीख उनके कानों में गूंज उठी, और पूरा कमरा एक अंधेरे में डूब गया।
अमन: (चिल्लाते हुए) “यह क्या हो रहा है? क्या हम सही कर रहे हैं?”
दीपिका: “तुमने सही किया, अमन! हमें इस जादू को खत्म करना होगा!”
अमन और दीपिका ने एक साथ पूरी ताकत से मंत्र का उच्चारण किया। वह रोशनी तेज़ होती गई, और अचानक कमरे में एक गहरी आवाज गूंज उठी – जैसे कि कोई बहुत बड़ी शक्ति टूट रही हो।
फिर, अचानक सब कुछ शांत हो गया। कमरे की दीवारों पर बने तंत्र-मंत्र गायब हो गए, और वेदी के पास एक हलकी सी रोशनी फैलने लगी। आत्माएँ, जो लंबे समय से इस होस्टल में बसी हुई थीं, अब शांति से चली गईं।
अमन: (दीपिका से) “क्या तुमने यह देखा? क्या हमनें सच में यह किया?”
दीपिका: (खुश होकर) “हां, अमन! हमनें उन आत्माओं को शांति दी। अब होस्टल में वह डर नहीं रहेगा।”
अमन और दीपिका ने मिलकर उस जादू को समाप्त किया था, जो इतने सालों से होस्टल के अंदर एक भूतिया वातावरण बना रहा था। अब वह महल शांत हो गया था, और उस जगह की आत्माओं को शांति मिल गई थी।
अमन और दीपिका ने मिलकर उस जादू को समाप्त कर दिया था, जिसने होस्टल की दीवारों में कई सालों से डर और अंधकार फैला रखा था। जैसे ही वे कमरे से बाहर आए, उनके दिलों में राहत थी, लेकिन साथ ही एक अजीब सी चिंता भी। क्या सचमुच उन्होंने सब कुछ ठीक किया था? क्या होस्टल अब सच में सुरक्षित था?
रात का समय था, और होस्टल में सब कुछ शांत था। लेकिन अमन और दीपिका के दिलों में एक सवाल था – क्या वे उस जादू को पूरी तरह से नष्ट कर पाए थे? क्या वह अंधकार फिर से लौटेगा?
अमन: (दीपिका से) “क्या हम सच में इसे खत्म कर पाए हैं? क्या यह सब खत्म हो गया?”
दीपिका: (स्माइली के साथ) “हमने अपनी तरफ से हर संभव कोशिश की। अब हमें यही विश्वास करना होगा कि हमने सब कुछ सही किया है।”
लेकिन तभी, अचानक दोनों को एक अजीब सी आहट सुनाई दी, जैसे किसी ने उनके पीछे आकर उनकी कंधे पर हाथ रखा हो। वे दोनों पलटकर पीछे देखते हैं, लेकिन वहाँ कोई नहीं था। फिर, एक खौ़फनाक आवाज़ सुनाई दी।
अजनबी आवाज: “तुमने मुझे नहीं पहचाना?”
अमन और दीपिका दोनों चौंके। उन्हें याद आया कि यही वही आवाज़ थी, जिसे वे पहले भी सुन चुके थे। यह वही आवाज थी, जो उन्हें पहले रात को सुनाई दी थी।
दीपिका: (घबराते हुए) “यह… यह कौन था? क्या वह आत्मा फिर से वापस आ गई?”
अमन: (स्माइली के साथ) “क्या तुम नहीं समझ रहे? यह वही आत्मा है, जिसने हमें शांति देने के लिए छोड़ा था। अब वह हमारे सामने है।”
दोनों ने फिर से ध्यान से सुना और देखा कि किसी ने धीरे-धीरे उनके सामने आकर खड़ा किया। यह एक अजीब सा काया वाला व्यक्ति था, जिसकी आँखें चमक रही थीं और चेहरा धुंधला था। वह धीरे-धीरे उनके पास आया और मुस्कुराया।
जादूगर: “तुम दोनों ने मुझे ढूँढ लिया।”
अमन: (चौंकते हुए) “तुम… तुम कौन हो?”
दीपिका: “तुम वही जादूगर हो, जिनके जादू के कारण सारी घटनाएँ घटी थीं?”
जादूगर: (गहरी आवाज में) “हाँ, वही हूँ। लेकिन तुम दोनों ने जिस साहस और समझदारी से काम लिया, वह मैं कभी नहीं भूल सकता। तुम दोनों ने केवल उस परिवार की आत्माओं को शांति नहीं दी, बल्कि मेरी आत्मा को भी मुक्त कर दिया।”
अमन: (आश्चर्यचकित होकर) “क्या तुम… तुम भी एक आत्मा हो?”
जादूगर: “हां, मैं वही जादूगर था जिसने इस होस्टल में जादू किया था। और वही जादू था, जिसने इस जगह को एक बुरे प्रभाव से घेर लिया था। तुम्हारी मदद से अब मेरी आत्मा भी मुक्त हो गई है।”
सुनकर अमन और दीपिका दोनों हैरान थे। जादूगर, जो पहले एक खौ़फनाक शक्तिशाली प्राणी के रूप में दिखाई दे रहा था, अब धीरे-धीरे एक निखरी हुई आत्मा बनकर उनके सामने खड़ा था।
जादूगर: “तुम दोनों ने मुझे गलत रास्ते से निकालकर मुझे शांति दी है। अब मैं इस जगह से जा सकता हूँ। मैं तुम्हारा धन्यवाद करता हूँ।”
इसके बाद, जादूगर की रूप-रंग में बदलाव होने लगा। वह धुंधला होता गया और धीरे-धीरे एक रोशनी में बदल कर गायब हो गया।
दीपिका: (आश्चर्यचकित होकर) “क्या यह सच था? क्या उसने सच में हमें धन्यवाद कहा?”
अमन: “हाँ, दीपिका, उसने सच में कहा। अब हम सबका काम खत्म हो गया है।”
कुछ देर तक दोनों खड़े रहे, लेकिन अब वे यह महसूस कर रहे थे कि जो उन्होंने किया था, वह सही था। उन्होंने न केवल होस्टल की आत्माओं को शांति दी थी, बल्कि खुद को भी एक नई शुरुआत दी थी।
अगले कुछ दिनों तक होस्टल में कोई अजीब घटनाएँ नहीं घटीं। सब कुछ शांत था। अमन और दीपिका को इस अनुभव से यह समझ में आ गया कि सच्ची शक्ति दूसरों को खुश रखने और उन्हें शांति देने में होती है, न कि किसी को नियंत्रित करने में।
एक दिन, जब अमन और दीपिका होस्टल के बगीचे में बैठकर अपनी यादों को ताजा कर रहे थे, दीपिका ने अमन से कहा:
दीपिका: “तुम्हें क्या लगता है, अब हमारी ज़िंदगी किस दिशा में जाएगी?”
अमन: (मुस्कुराते हुए) “अब हम एक नई शुरुआत कर सकते हैं। हम जो कुछ भी करेंगे, हमें ध्यान रखना होगा कि हमारी शक्ति केवल अच्छाई के लिए हो। और जो कुछ हमने सीखा है, वह हमें कभी नहीं भूलना चाहिए।”