टिहरी, उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में बसा एक शांत शहर है, जो अपनी सुंदरता और प्राकृतिक धरोहर के लिए प्रसिद्ध है। टिहरी की झील और उसके आसपास के दृश्य पर्यटकों को बहुत आकर्षित करते हैं। लेकिन इस शहर के बीचो-बीच एक पुराना और भुतहा घंटाघर स्थित है, जिसे अब कोई नहीं देखना चाहता। इस घंटाघर को लेकर अजीब-सी कहानियाँ फैली हुई हैं, और गाँववाले इसे ‘भूतिया घंटाघर’ के नाम से जानते हैं।
कहा जाता है कि यह घंटाघर कभी शहर के सबसे महत्वपूर्ण स्थलों में से एक था। यह घंटाघर एक समय में बहुत प्रसिद्ध था और यहाँ की घड़ी की आवाज़ पूरे शहर में गूंजती थी। लेकिन कई साल पहले, एक भयानक घटना घटी, जिसने इस घंटाघर को भूतिया बना दिया।
यह कहानी एक युवा लड़के, विनय की है। विनय एक साहसी और जिज्ञासु लड़का था, जो हमेशा नई-नई जगहों और उनके रहस्यों को जानने की कोशिश करता था। जब उसने सुनी थी घंटाघर के बारे में डरावनी कहानियाँ, तो उसने ठान लिया कि वह इस भूतिया घंटाघर का रहस्य जरूर उजागर करेगा।
एक रात, विनय ने अपनी जिज्ञासा शांत करने के लिए घंटाघर का रुख किया। रात का समय था, और शहर में हर जगह सन्नाटा था। जैसे ही वह घंटाघर के पास पहुँचा, उसकी धड़कन तेज़ हो गई। घंटाघर का माहौल बहुत डरावना था। उसकी घड़ी की आवाज़ अब भी सुनी जा रही थी, लेकिन अब वह आवाज़ अजीब सी लग रही थी। घड़ी की आवाज़ अब डरावनी और गूंजती हुई लग रही थी।
विनय ने साहसिक कदम बढ़ाया और घंटाघर के अंदर प्रवेश किया। अंदर अंधेरा था, और घड़ी की आवाज़ अब और तेज़ हो गई थी। दीवारों पर धूल जमी हुई थी और पुराने समय के पोस्टर चिपके हुए थे। जैसे ही विनय ने एक कदम बढ़ाया, उसे अचानक एक तेज़ चीख सुनाई दी। उसकी आँखों के सामने एक कटा-फटा चेहरा उभरा।
“तुम यहाँ क्यों आए हो?” एक गहरी और डरावनी आवाज़ आई। विनय ने घबराते हुए कहा, “मैं इस घंटाघर का रहस्य जानने आया हूँ।”
चेहरे ने उसे घूरते हुए कहा, “तुम नहीं जानते कि तुम किससे खेलने की कोशिश कर रहे हो। यहाँ जो भी आया है, वह कभी वापस नहीं गया।”
विनय ने सोचा कि यह शायद उसकी कल्पना का हिस्सा हो, लेकिन जैसे ही वह और अंदर बढ़ा, उसे महसूस हुआ कि कुछ और था। वह चेहरा अब धीरे-धीरे एक महिला के रूप में बदलने लगा। महिला का चेहरा विकृत और भयावह था। उसकी आँखें पूरी काली थीं, और उसके बाल उलझे हुए थे। महिला ने उसकी ओर घूरते हुए कहा, “तुमने मेरी जगह पर कदम रखा है। अब तुम मेरे साथ हमेशा के लिए यहाँ रहोगे।”
विनय का दिल अब तेज़ी से धड़कने लगा, लेकिन उसने डर को नकारते हुए कहा, “तुम कौन हो? और यहाँ क्या हो रहा है?”
महिला ने धीमी आवाज़ में कहा, “मैं इस घंटाघर की संरक्षक थी। बहुत समय पहले, इस शहर में एक दर्दनाक घटना घटी थी। घंटाघर के निर्माण के समय एक बुरी शक्ति ने यहाँ अपना घर बना लिया था। और उसके बाद से, मेरी आत्मा इस स्थान पर फंसी हुई है।”
विनय ने पूछा, “क्या तुम मेरी मदद कर सकती हो? तुम्हारी आत्मा को शांति चाहिए।” महिला की आँखें अब जल रही थीं, और उसने कहा, “मुझे मेरी आत्मा की शांति के लिए, तुम्हें इस घंटाघर के इतिहास को जानना होगा।”
महिला ने एक पुरानी किताब दी, जिसमें इस घंटाघर से जुड़ी खौ़फनाक घटनाओं का विवरण था। किताब में लिखा था कि घंटाघर के निर्माण के दौरान एक शापित आत्मा ने इसे अपना स्थान बना लिया था। और जो भी इस घंटाघर के पास जाता, वह उसकी चपेट में आ जाता।
विनय ने किताब खोली और उसमें पढ़ना शुरू किया। किताब में लिखा था कि एक दिन, घंटाघर के निर्माण के दौरान एक बड़ी दुर्घटना घटी थी। एक निर्माण श्रमिक, जिसका नाम अर्जुन था, ने गलती से उस शापित आत्मा को मुक्त कर दिया था। इसके बाद अर्जुन की और उसके परिवार की मौत हो गई, और उसकी आत्मा अब घंटाघर में बसी हुई थी।
विनय ने सोचा कि अगर उसे इस रहस्य का हल निकालना है, तो उसे उस आत्मा के शाप को खत्म करना होगा। उसने किताब से एक मंत्र पढ़ने का फैसला किया, जो उस शाप को समाप्त कर सकता था। जैसे ही उसने मंत्र पढ़ा, घंटाघर की घड़ी की आवाज़ और भी तेज़ हो गई, और दीवारों से अजीब सी आवाजें आने लगीं।
विनय ने साहसिक कदम बढ़ाया और मंत्र का उच्चारण किया। कुछ ही समय बाद, कमरे में एक तेज़ रोशनी फैलने लगी, और महिला की आकृति धीरे-धीरे गायब हो गई। घड़ी की आवाज़ अब शांत हो गई, और चारों ओर से खून के धब्बे गायब हो गए।
महिला की आत्मा अब शांति से विश्राम कर रही थी। विनय ने महसूस किया कि उसने इस घंटाघर का रहस्य सुलझा लिया था। वह जानता था कि अब यह घंटाघर एक सामान्य स्थान बन चुका था।
विनय ने घंटाघर से बाहर आते हुए कहा, “कुछ रहस्यमय स्थानों में कभी नहीं जाना चाहिए, लेकिन अगर हमें सच में किसी की मदद करनी हो, तो हमें डर को नकारते हुए साहसिक कदम उठाना पड़ता है।”
विनय ने घंटाघर से बाहर आते हुए एक गहरी सांस ली। उसकी आँखों के सामने जो कुछ भी घटित हुआ था, वह किसी खौ़फनाक सपना जैसा लग रहा था। घंटाघर का रहस्य अब सुलझ चुका था, लेकिन उसे महसूस हुआ कि कुछ और था, जो अभी तक उसने नहीं जाना। क्या सचमुच वह स्थान शांति पा चुका था, या फिर यह सिर्फ एक आंशिक समाधान था? उसे ऐसा लग रहा था कि उसे और गहरे रहस्यों का सामना करना होगा।
विनय ने घंटाघर की दिशा में फिर से देखा। अब चारों ओर शांति थी। वह महल अब पहले जैसा नहीं था, और उसने महसूस किया कि उस स्थान की आत्माएँ अब मुक्त हो चुकी थीं। फिर भी, उसे वह भूतिया महिला और उसकी भयानक आत्मा की यादें पीछा कर रही थीं। क्या वह कभी भी इस भयावह अनुभव को भूल पाएगा?
विनय ने मन ही मन ठान लिया कि वह इस घंंटाघर के अंधेरे रहस्यों को पूरी तरह से सुलझाएगा। एक दिन, उसने अपनी जिज्ञासा को शांत करने के लिए घंटाघर की गहरी छानबीन करने का निर्णय लिया। वह जानता था कि महल में छुपा कुछ और था, जिसे जानने के बाद ही वह शांति पा सकता था।
एक दिन, विनय फिर से घंटाघर के पास पहुंचा। इस बार, वह पूरी तैयारी के साथ आया था। वह जानता था कि अब उसे सिर्फ उस महिला की आत्मा को शांति नहीं दिलानी थी, बल्कि उसे उस पुराने शाप को पूरी तरह से खत्म करना होगा जो इस स्थान पर बसी हुई थी।
विनय ने घंटाघर के अंदर घुसते हुए फिर से वही सर्द हवा महसूस की। इस बार, महल का माहौल और भी घना हो गया था। जैसे ही वह अंदर बढ़ा, उसने देखा कि घंटी की आवाज़ अब और भी तेज़ हो गई थी। उसकी आँखें चारों ओर देख रही थीं, और उसे महसूस हुआ कि वह अब अकेला नहीं था। अचानक, एक दीवार से आवाज़ आई, “तुम फिर से लौट आए हो?”
विनय ने घबराते हुए जवाब दिया, “मैं तुम्हारी आत्मा की शांति के लिए यहाँ हूँ।”
आवाज ने गहरी हंसी के साथ कहा, “तुम नहीं समझते कि यहाँ क्या हो रहा है। तुम्हारी मदद से मेरी आत्मा को शांति नहीं मिल सकती। मैं इस महल की शापित आत्मा हूँ, और तुमसे कुछ नहीं हो सकता।”
विनय ने उसकी बातों को नकारते हुए कहा, “मैं अब इस शाप को खत्म करूंगा, तुम्हें और यहाँ की आत्माओं को शांति मिलेगी।”
जैसे ही विनय ने वह पुराना मंत्र उच्चारण किया, महल में एक जोरदार हलचल मच गई। दीवारों से खून के धब्बे उभरने लगे, और चारों ओर से चीखें आने लगीं। घड़ी की आवाज़ अब मानो किसी तेज़ तूफान की तरह गूंज रही थी। अचानक, महल की दीवारों से विकृत चेहरे उभरने लगे, और चारों ओर घना अंधेरा छा गया।
“तुमने क्या किया?” वह शापित आत्मा चीखते हुए बोली, “तुमने मेरी शक्ति को और बढ़ा दिया है।”
विनय ने बिना डरे मंत्र का उच्चारण जारी रखा, और जैसे ही उसने आखिरी शब्द उच्चारित किया, महल में एक तेज़ रौशनी की चमक हुई। दीवारों से खून के धब्बे गायब हो गए, और वह विकृत चेहरे अब धीरे-धीरे धुंधले होने लगे।
घंटाघर की घड़ी की आवाज़ अब शांत हो गई, और चारों ओर से एक गहरी शांति का अहसास हुआ। महल के अंधेरे कोनों से एक हल्की सी रोशनी निकलने लगी, और वह शापित आत्मा अब धीरे-धीरे गायब हो गई।
विनय ने महसूस किया कि अब घंटाघर का रहस्य खत्म हो चुका था। उसने गहरी राहत की सांस ली, और महल के बाहर आकर देखा। अब वह स्थान शांत था। महल का हर कोना, जो पहले डरावना और भूतिया लगता था, अब सामान्य और शांत था।
विनय ने मन ही मन यह ठान लिया कि कभी-कभी हमें अपनी जिज्ञासा और साहस का सामना करते हुए अंधेरे से बाहर निकलने का रास्ता ढूंढ़ना पड़ता है।