नैनीताल का खौ़फनाक होटल

नैनीताल, उत्तराखंड का एक प्रसिद्ध हिल स्टेशन, अपनी खूबसूरती के लिए दुनियाभर में जाना जाता है। लेकिन इसके शांत और मनोरम दृश्यों के पीछे कुछ ऐसे रहस्य छुपे हैं जिन्हें जानकर हर कोई दहशत में आ जाएगा। यह कहानी एक ऐसे होटल की है जो नैनीताल के बाहरी इलाके में स्थित था। यह होटल कभी बहुत भव्य हुआ करता था, लेकिन अब यह पूरी तरह से जर्जर हो चुका था, और उसकी खिड़कियाँ हमेशा बंद रहती थीं। होटल के बारे में कहानियाँ सुनाई जाती थीं कि यहां अजीब घटनाएँ घटती थीं। कहते हैं कि कई साल पहले यहां एक परिवार आया था, जो अचानक गायब हो गया। इसके बाद से उस होटल को भूतिया माना जाने लगा।

यह कहानी एक युवा लड़के, अरविंद, की है, जो नैनीताल में अपने दोस्तों के साथ घूमने आया था। अरविंद एक साहसी और जिज्ञासु लड़का था, जो इस तरह की डरावनी कहानियों को अफवाह मानता था। वह उन कहानियों को जानने के लिए होटल में जाने का फैसला करता है।

एक रात अरविंद और उसके दोस्त होटल के पास पहुंचे। वह होटल बहुत पुराना था, और उसके आस-पास का माहौल बहुत ही अजीब और खौ़फनाक था। चारों ओर गहरी खामोशी छाई हुई थी। होटल के दरवाजे पर एक पुराने जमाने का नोटिस लटका हुआ था, जिस पर लिखा था, “यह होटल बंद है, प्रवेश न करें।” लेकिन अरविंद और उसके दोस्तों ने तय किया कि वे अंदर जाएंगे और होटल का रहस्य जानेंगे।

जैसे ही वे अंदर घुसे, उन्हें वहां की सर्द हवा और घना अंधेरा महसूस हुआ। होटल के अंदर का माहौल बहुत ही भयावह था। दीवारों पर पुरानी तस्वीरें लगी थीं, और कमरे में सड़ी हुई लकड़ी का एक अजीब सा गंध फैल रहा था। वे धीरे-धीरे एक कमरे में पहुंचे, जहाँ एक पुराना लाउंज था। लाउंज के बीचो-बीच एक बड़े से सोफे पर एक कटा-फटा सामान पड़ा हुआ था, और उसके पास एक पुराना दीपक जल रहा था।

अरविंद ने दीपक की ओर बढ़ते हुए कहा, “क्या तुमने सुना? यह जगह कितनी अजीब है।”

तभी कमरे के कोने से एक आवाज आई, “तुम यहाँ क्यों आए हो?” यह आवाज एक औरत की थी, जो बहुत डरावनी और सर्द थी। अरविंद ने घबराते हुए चारों ओर देखा, लेकिन कोई नहीं था। आवाज फिर से आई, “तुमने मेरी जगह पर कदम रखा है, अब तुम कभी नहीं निकल पाओगे।”

अरविंद ने सोचा कि यह शायद कोई मजाक हो सकता है, लेकिन वह डर के बावजूद कमरे से बाहर जाने का निर्णय लेता है। लेकिन जैसे ही वह दरवाजे की ओर बढ़ता है, वह महसूस करता है कि दरवाजा अब बंद हो चुका है। उसने कई बार कोशिश की, लेकिन दरवाजा नहीं खुला।

तभी, कमरे के बीचो-बीच एक हल्की सी रौशनी उभरने लगी। रौशनी के भीतर एक आकृति दिखाई दी, जो धीरे-धीरे एक महिला के रूप में बदलने लगी। महिला का चेहरा पूरी तरह से कटा हुआ था, और उसकी आँखें पूरी काली थीं। वह महिला बोली, “तुमने मुझे परेशान किया है, अब तुमसे हिसाब लिया जाएगा।”

अरविंद डर के मारे कांपने लगा, लेकिन वह अपनी साहसिकता को नकारते हुए महिला से पूछा, “तुम कौन हो? और तुम हमें क्यों परेशान कर रही हो?”

महिला ने गहरी आवाज में कहा, “मैं इस होटल की मालिक थी। कई साल पहले, मैंने और मेरे परिवार ने यहां एक नई शुरुआत करने की कोशिश की थी, लेकिन मेरे पति ने मुझे धोखा दिया और मुझे और मेरे बच्चों को मार डाला। अब मैं अपनी आत्मा की शांति के लिए इस होटल में फंसी हुई हूँ।”

अरविंद ने महिला से पूछा, “तुम चाहती क्या हो? क्या हम तुम्हारी मदद कर सकते हैं?”

महिला ने हंसते हुए कहा, “तुमसे मेरी मदद नहीं हो सकती। तुम जैसे कई लोग यहाँ आए, लेकिन कोई भी वापस नहीं लौटा। अब तुम भी मेरे साथ यहीं रहोगे।”

अरविंद और उसके दोस्तों को अब यह महसूस हो गया था कि वे एक भूतिया जगह में फंस चुके हैं। वे भागने की कोशिश करते हैं, लेकिन होटल का रास्ता अब बदल चुका था। वे एक अजीब सी स्थिति में फंस गए थे, जहाँ से बाहर निकलने का कोई रास्ता नहीं था।

अरविंद और उसके दोस्तों के अंदर भय और दहशत बढ़ चुकी थी। वे समझ नहीं पा रहे थे कि क्या करें, क्योंकि होटल का रास्ता अब मानो एक बंद घेरे में बदल चुका था। हर दरवाजा और खिड़की एक जैसे थे, और हर जगह वही अजीब सी खामोशी और डरावनी आवाजें गूंज रही थीं। होटल का वातावरण अब और भी घना हो चुका था, जैसे एक अदृश्य शक्ति उनके चारों ओर मंडरा रही हो।

“हमें किसी तरह यहाँ से निकलना होगा,” अरविंद ने डरते हुए कहा। उसके दोस्त, नीरज, ने सहमति दी, लेकिन सभी को समझ में नहीं आ रहा था कि वे कैसे निकलेंगे। जैसे ही उन्होंने एक बार फिर से दरवाजे को खटखटाया, अचानक कमरे में हल्की सी रौशनी का एक और झोंका आया और महिला की भूतिया आकृति फिर से प्रकट हो गई।

“तुम क्यों भाग रहे हो?” महिला ने सर्द आवाज में कहा, “तुमने यहाँ कदम रखा है, अब तुम मुझे कभी छोड़ नहीं पाओगे।”

“तुम हमें क्यों परेशान कर रही हो?” अरविंद ने डरते हुए पूछा। महिला ने उसे घूरते हुए जवाब दिया, “क्योंकि तुम सबने मेरे साथ हुए अन्याय का बदला लिया है। तुम सबकी आत्माएँ अब मेरी होंगी।”

अरविंद और उसके दोस्तों के सामने एक भयानक स्थिति उत्पन्न हो चुकी थी। उन्हें समझ में आ गया कि यह होटल एक सदी पुरानी आत्मा के बंदीकरण का स्थल था, और अब वह आत्मा अपनी शांति के लिए उन्हें अपनी चपेट में लेना चाहती थी।

अरविंद ने अपनी पूरी ताकत एकत्र की और कहा, “अगर तुम हमसे बदला लेना चाहती हो, तो हमें शांति क्यों नहीं दे देती? हम तुम्हारी मदद कर सकते हैं।” महिला की आँखें अब और भी काली हो गईं, और उसकी मुस्कान और भी भयानक हो गई। “तुम्हें लगता है कि तुम मुझे शांति दे सकते हो?” उसने कहा। “तुमसे कुछ नहीं होगा।”

तभी, अचानक महिला की आकृति धीरे-धीरे एक और रूप में बदलने लगी। यह रूप पहले से ज्यादा भयंकर था, और उसकी आँखें अब पूरी तरह से जल रही थीं। महिला की आवाज़ तेज़ हो गई, “तुम सब अब मेरी कैद में हो, और तुम कभी नहीं निकल पाओगे।”

अरविंद ने डर के बावजूद कहा, “हम नहीं डरेंगे।” उसने एक बार फिर से अपनी हिम्मत जुटाई और महिला से कहा, “अगर तुम्हारी आत्मा को शांति चाहिए, तो हम तुम्हारी मदद करेंगे।”

महिला के चेहरे पर अब गुस्से का तूफान था, लेकिन फिर एक अजीब सी शांति आ गई। उसकी आँखों की जलती हुई रोशनी धीरे-धीरे शांत होने लगी, और उसने कहा, “तुम सच में मेरे साथ खेलना चाहते हो? तो फिर तुम्हें यह जानना होगा कि इस होटल का रहस्य अब तक किसी को नहीं मालूम था। तुम उसे जानने की कोशिश कर रहे हो, लेकिन तुम्हें वह राज़ जानने के बाद जिन्दगी भर पछताना पड़ेगा।”

अरविंद ने गहरी सांस ली और कहा, “हमें वह राज़ जानना ही होगा। हमें तुम्हारी आत्मा को शांति दिलानी होगी, ताकि हम यहाँ से निकल सकें।”

महिला की आवाज़ अब धीमी हो गई, और उसने कहा, “तुम चाहते हो कि मैं शांति पाऊं? तुम्हें वह करना होगा जो मैं चाहती हूँ।”

अरविंद और उसके दोस्तों ने महिला की बातों को सुना और समझा कि वह उन्हें एक अंतिम अवसर दे रही थी। वह जानना चाहते थे कि इस होटल के अंदर कौन सा रहस्य था, और कैसे वे उस भूतिया आत्मा को शांति दे सकते थे।

वह पूरी तरह से तैयार थे, लेकिन तभी महिला ने कहा, “तुमें उस पुराने कमरे में जाना होगा, जहाँ वो किताबें रखी हैं। वहाँ छुपा है इस होटल का असली राज़।”

अरविंद और उसके दोस्तों ने तुरंत उस कमरे की ओर रुख किया, जो पहले उन्होंने नहीं देखा था। कमरे के अंदर अंधेरा था, और वहां पुरानी किताबों की एक मोटी सी परत पड़ी थी। अरविंद ने धीरे-धीरे एक किताब खोली, और उसमें लिखा था, “जिसे भी इस होटल का राज़ पता चलेगा, उसे जीवन भर के लिए इस होटल में रहना होगा।”

अचानक, कमरे में फिर से अजीब आवाजें आने लगीं, और कमरे की दीवारों पर खून के धब्बे उभरने लगे। यह खून उस किताब से गिर रहा था, जिसे अरविंद ने खोला था। अब उसे समझ में आ गया कि यह किताब सिर्फ एक गहरी बुराई का हिस्सा थी। जैसे ही उसने और किताबों को खंगालना शुरू किया, एक आवाज आई, “तुमने इस होटल का राज़ खोल लिया है, अब तुम्हारी बारी है।”

अरविंद और उसके दोस्तों ने जैसे ही किताबों का और अध्ययन करना शुरू किया, वह एक नए डर का सामना करने के लिए तैयार हो गए थे। किताबों में एक पुरानी कहानी थी, जिसमें लिखा था कि इस होटल का असली मालिक एक काला जादूगर था, जिसने इस स्थान पर कई रहस्यमयी और काले कर्म किए थे। वह जादूगर अपनी मृत्यु से पहले इस होटल में एक अंतिम, भयानक प्रयोग करना चाहता था, और उस प्रयोग के कारण उसकी आत्मा हमेशा के लिए होटल में फंसी रह गई।

“यह वह जगह है, जहाँ काले जादू ने इस होटल को अपनी गिरफ्त में लिया,” अरविंद ने धीरे-धीरे कहा, उसकी आवाज़ में घबराहट थी। “तो, क्या हम उस जादूगर की आत्मा को मुक्त कर सकते हैं?”

तभी एक और गहरी, खौ़फनाक आवाज़ गूंजने लगी, “तुमने बहुत गलत किया। तुम अब कभी बाहर नहीं जा सकोगे।” कमरे की दीवारों पर फिर से खून के धब्बे उभरने लगे, और हवा में एक ठंडक सी महसूस होने लगी। कमरे के अंदर अब मानो एक छाया घेरने लगी थी। सब कुछ धीमे-धीमे घना हो रहा था, और जैसे ही अरविंद ने सिर उठाया, उसने देखा कि एक कटा-फटा चेहरा अब उसके सामने था।

“तुम मुझसे क्यों पूछ रहे हो?” चेहरा चीखा, और उसकी आवाज़ इतनी तेज़ थी कि वह सबके कानों में गूंजने लगी। “तुमने इस होटल का राज़ जानने की कोशिश की है, और अब तुम सब मेरे साथ रहोगे!”

यह चेहरा उस जादूगर का था, जिसकी आत्मा अब भी इस होटल में कैद थी। वह खौ़फनाक आवाज़ में बोला, “मैंने इस होटल को हमेशा के लिए अपनी काली ताकत से बांध लिया है। अब तुम मेरे जाल में फंस चुके हो।”

अरविंद और उसके दोस्त डर से कांपने लगे, लेकिन उन्होंने एक साथ हिम्मत जुटाई और कहा, “हम तुम्हारे जाल से बाहर निकलेंगे, और तुम्हारी आत्मा को मुक्ति देंगे।”

महिला की हंसी फिर से गूंजने लगी, और होटल का माहौल और भी डरावना हो गया। अचानक एक और दरवाजा खुला, और अंदर से एक सफेद धुंआ निकलने लगा। उस धुएं में से एक आकृति उभरी, जो पूरी तरह से कटी-फटी थी। “तुम नहीं जा सकते,” आकृति बोली, “तुमने मेरी चुप्पी भंग की है, और अब तुम्हें हमेशा के लिए यहाँ रहना होगा।”

अरविंद ने गहरी सांस ली और खुद से कहा, “अगर हमें यहां से बाहर जाना है, तो हमें उस जादूगर के प्रयोग को खत्म करना होगा।” उसने दोस्तों से कहा, “हमें उस जादूगर के काले जादू को खत्म करने के लिए उस मंत्र को ढूंढना होगा, जो उसने अपनी आत्मा को मुक्त करने के लिए लिखा था।”

वे फिर से उस पुरानी किताबों का खजाना खंगालने लगे। किताब में एक मंत्र था, लेकिन वह एक अजीब और खतरनाक तरीका था। मंत्र में लिखा था कि अगर वे इसे उच्चारण करेंगे, तो जादूगर की आत्मा मुक्त हो जाएगी, लेकिन इसके साथ ही इस होटल में बसी हर आत्मा को भी मुक्ति मिल जाएगी। लेकिन एक खतरा था, अगर यह मंत्र गलत तरीके से बोला गया, तो यह होटल और भी खतरनाक हो जाएगा।

अरविंद और उसके दोस्तों ने तय किया कि वे इस खतरे को उठाएंगे। उन्होंने एक साथ मंत्र का उच्चारण किया, और जैसे ही मंत्र पूरा हुआ, एक भयंकर हलचल मचने लगी। होटल की दीवारें कांपने लगीं, और जमीन से भयानक आवाज़ें आने लगीं। होटल का हर हिस्सा अब मानो अपने आप हिलने लगा था, जैसे किसी अजीब शक्ति के प्रभाव में हो।

सभी ने एक साथ आंखें बंद कीं, और तभी होटल के अंदर एक बड़ी आवाज आई। “तुमने मुझे मुक्त कर दिया,” जादूगर की आत्मा बोली, “अब तुम सब इस होटल से बाहर जा सकते हो।”

होटल का माहौल अचानक बदल गया। होटल की दीवारों से खून के धब्बे गायब हो गए, और चारों ओर शांति छा गई। जादूगर की आत्मा धीरे-धीरे धुंध में विलीन हो गई, और हर चीज़ शांत हो गई। अब वह भूतिया होटल पहले जैसा खौ़फनाक नहीं था।

अरविंद और उसके दोस्तों ने राहत की सांस ली। उन्हें समझ में आ गया था कि कभी-कभी हमें डर का सामना करना पड़ता है, ताकि हम अपनी हिम्मत और साहस को पहचान सकें। वे बाहर निकलकर गाँव की ओर चल पड़े, और अब उन्हें एहसास हुआ कि होटल का रहस्य खुल चुका था, और वहां की आत्माओं को शांति मिल चुकी थी।

वे जानते थे कि वे एक जीवनभर के डर से बाहर निकल आए थे, और वे इस अनुभव को कभी नहीं भूलेंगे।


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