दुर्गा पूजा का समय था और पश्चिम बंगाल के एक छोटे से गाँव में हर साल की तरह धूमधाम से पूजा की तैयारी चल रही थी। गाँव के लोग बड़े श्रद्धा भाव से पूजा की तैयारियों में जुटे थे। लेकिन उस साल कुछ अलग ही हुआ। पूजा के दिन रात का समय होते ही गाँव के आसपास एक अजीब सी खामोशी छा गई। हवा में एक अजीब सी ठंडक घुलने लगी और मंदिर में पूजा की आवाज़ के बीच एक खौ़फनाक शांति महसूस होने लगी।
गाँव के सभी लोग पूजा पंडाल में थे, लेकिन एक युवक, अमन, पूजा के बाद घर लौटने के लिए रास्ते में था। गाँव की सड़कें सुनसान हो चुकी थीं और चारों ओर सन्नाटा था। अमन को कुछ अजीब सा महसूस हो रहा था, जैसे कोई उसका पीछा कर रहा हो। वह जल्दी-जल्दी अपने घर की ओर बढ़ रहा था, लेकिन तभी उसे सामने एक महिला दिखाई दी। महिला सफेद साड़ी पहने हुई थी और उसके चेहरे पर एक गहरी उदासी थी। उसकी आँखों में कोई अजीब सा आकर्षण था, जो अमन को अपनी ओर खींचता चला गया।
महिला ने धीरे से अमन से कहा, “तुम्हारे साथ एक काम है, मुझे तुम्हारे साथ चलना होगा।” अमन ने डरते हुए पूछा, “तुम कौन हो?” महिला ने कोई उत्तर नहीं दिया, बस अपनी आंखों से उसे अपनी ओर आकर्षित करती रही। जैसे ही अमन ने एक कदम और बढ़ाया, महिला अचानक उसके सामने आकर रुक गई और उसे घूरने लगी।
उसकी आँखों में एक खौ़फनाक चमक थी, और अमन का दिल तेज़ी से धड़कने लगा। वह महिला एक कदम और बढ़ी और बोली, “तुम्हें मेरे साथ चलना होगा, नहीं तो तुम कभी भी घर नहीं पहुँच पाओगे।” अमन डर के मारे कांपने लगा और उसने वहां से भागने की कोशिश की, लेकिन महिला उसकी आँखों के सामने से गायब हो गई। उसने यह सोचकर राहत महसूस की कि शायद वह केवल कोई幻म (भूतिया) था, लेकिन जल्द ही उसे अहसास हुआ कि वह महिला कहीं दूर नहीं गई थी, बल्कि अब वह उसके सामने खड़ी थी।
अमन ने पूरी ताकत से भागने की कोशिश की, लेकिन वह महिला उसकी ओर बढ़ती जा रही थी। उसकी पांवों की आवाज़ साफ़ सुनाई दे रही थी, जैसे वह अब उसे पकड़ने वाली हो। अमन की आँखों के सामने अब केवल वही महिला थी, जो उसकी ओर बढ़ी जा रही थी। महिला की हंसी सुनाई दी, लेकिन यह हंसी कोई साधारण हंसी नहीं थी, बल्कि एक खौ़फनाक और रहस्यमय हंसी थी, जो सीधे उसकी आत्मा तक पहुंच रही थी।
अमन ने देखा, महिला की आँखों से आंसू बह रहे थे, लेकिन फिर भी उसकी आँखों में एक अजीब सी चमक थी। उसकी चेहरे पर एक जंगली, कटी-फटी सी मुस्कान थी, जो अब अमन के दिल में डर और घबराहट का कारण बन रही थी। “तुम मेरे साथ चलोगे, नहीं तो तुम यहीं फंसे रहोगे,” महिला ने फिर से कहा।
अमन अब और नहीं सह सकता था। उसने पूरी ताकत लगाकर वहाँ से भागने की कोशिश की, लेकिन महिला उसे पकड़ने के लिए तेज़ी से दौड़ी। महिला के कदमों की आवाज़ इतनी तेज़ थी कि अमन के कानों में गूंजने लगी। अचानक अमन की नजरें महिला पर पड़ीं। उसकी आँखों में खून की झलक दिखाई दी, और उसकी त्वचा पूरी तरह से सड़ी हुई थी। अमन का दिल ठहर गया। वह समझ गया कि यह महिला कोई साधारण इंसान नहीं, बल्कि एक बुरी आत्मा थी।
अचानक महिला ने अमन को अपनी बाहों में जकड़ लिया। “तुम मुझे छोड़कर नहीं जा सकते,” महिला बोली और फिर अमन के चेहरे के पास आ गई। उसकी आँखों में एक रहस्यमयी और डरावनी चमक थी, जो अमन की आत्मा को झिंझोड़ रही थी। महिला ने धीरे-धीरे अपने होठों को अमन के कानों के पास लाकर कहा, “तुम्हारे पीछे जो कुछ हुआ, वह केवल शुरुआत थी। तुम्हें मेरी मदद करनी होगी।”
अमन के अंदर एक गहरी सिहरन दौड़ गई। उसने पूरे शरीर में कंपन महसूस किया। उसकी आत्मा भय से कांप रही थी। वह जानता था कि यह रात उसकी जिंदगी की सबसे डरावनी रात बन चुकी थी। “तुम अब मेरे साथ चलोगे, अमन,” महिला ने फिर कहा, और उसकी आवाज़ में एक और गहरी चेतावनी थी।
अमन ने अब और न भागने का फैसला किया। उसने सोचा कि अब उसे इस बुरी आत्मा का सामना करना होगा। तभी महिला अचानक गायब हो गई। लेकिन उसका दिल अब भी भारी था, क्योंकि उसने महसूस किया था कि वह महिला अब भी कहीं आस-पास थी, और वह उसे कभी नहीं छोड़ेगी। अमन ने घर जाने का निर्णय लिया, लेकिन अब उसे महसूस हो रहा था कि वह अकेला नहीं था।
अमन ने घर की ओर बढ़ते हुए सोचा, “क्या यह कोई बुरी आत्मा है, या फिर एक चेतावनी थी?” वह जानता था कि वह अब इस रहस्यमय कहानी का हिस्सा बन चुका था, और उसकी आत्मा को यह कभी नहीं छोड़ने वाली थी।
वह घर पहुँचता है, लेकिन वह जानता है कि अब तक उसकी ज़िन्दगी का वह दिन नहीं बीता था। वह दुर्गा पूजा की रात थी, जब एक भूतिया आत्मा ने उसे अपनी जाल में फंसा लिया था।
दुर्गा पूजा का समय था और पश्चिम बंगाल के एक छोटे से गाँव में हर साल की तरह धूमधाम से पूजा की तैयारी चल रही थी। गाँव के लोग बड़े श्रद्धा भाव से पूजा की तैयारियों में जुटे थे। लेकिन उस साल कुछ अलग ही हुआ। पूजा के दिन रात का समय होते ही गाँव के आसपास एक अजीब सी खामोशी छा गई। हवा में एक अजीब सी ठंडक घुलने लगी और मंदिर में पूजा की आवाज़ के बीच एक खौ़फनाक शांति महसूस होने लगी।
गाँव के सभी लोग पूजा पंडाल में थे, लेकिन एक युवक, अमन, पूजा के बाद घर लौटने के लिए रास्ते में था। गाँव की सड़कें सुनसान हो चुकी थीं और चारों ओर सन्नाटा था। अमन को कुछ अजीब सा महसूस हो रहा था, जैसे कोई उसका पीछा कर रहा हो। वह जल्दी-जल्दी अपने घर की ओर बढ़ रहा था, लेकिन तभी उसे सामने एक महिला दिखाई दी। महिला सफेद साड़ी पहने हुई थी और उसके चेहरे पर एक गहरी उदासी थी। उसकी आँखों में कोई अजीब सा आकर्षण था, जो अमन को अपनी ओर खींचता चला गया।
महिला ने धीरे से अमन से कहा, “तुम्हारे साथ एक काम है, मुझे तुम्हारे साथ चलना होगा।” अमन ने डरते हुए पूछा, “तुम कौन हो?” महिला ने कोई उत्तर नहीं दिया, बस अपनी आंखों से उसे अपनी ओर आकर्षित करती रही। जैसे ही अमन ने एक कदम और बढ़ाया, महिला अचानक उसके सामने आकर रुक गई और उसे घूरने लगी।
उसकी आँखों में एक खौ़फनाक चमक थी, और अमन का दिल तेज़ी से धड़कने लगा। वह महिला एक कदम और बढ़ी और बोली, “तुम्हें मेरे साथ चलना होगा, नहीं तो तुम कभी भी घर नहीं पहुँच पाओगे।” अमन डर के मारे कांपने लगा और उसने वहां से भागने की कोशिश की, लेकिन महिला उसकी आँखों के सामने से गायब हो गई। उसने यह सोचकर राहत महसूस की कि शायद वह केवल कोई幻म (भूतिया) था, लेकिन जल्द ही उसे अहसास हुआ कि वह महिला कहीं दूर नहीं गई थी, बल्कि अब वह उसके सामने खड़ी थी।
अमन ने पूरी ताकत से भागने की कोशिश की, लेकिन वह महिला उसकी ओर बढ़ती जा रही थी। उसकी पांवों की आवाज़ साफ़ सुनाई दे रही थी, जैसे वह अब उसे पकड़ने वाली हो। अमन की आँखों के सामने अब केवल वही महिला थी, जो उसकी ओर बढ़ी जा रही थी। महिला की हंसी सुनाई दी, लेकिन यह हंसी कोई साधारण हंसी नहीं थी, बल्कि एक खौ़फनाक और रहस्यमय हंसी थी, जो सीधे उसकी आत्मा तक पहुंच रही थी।
अमन ने देखा, महिला की आँखों से आंसू बह रहे थे, लेकिन फिर भी उसकी आँखों में एक अजीब सी चमक थी। उसकी चेहरे पर एक जंगली, कटी-फटी सी मुस्कान थी, जो अब अमन के दिल में डर और घबराहट का कारण बन रही थी। “तुम मेरे साथ चलोगे, नहीं तो तुम यहीं फंसे रहोगे,” महिला ने फिर से कहा।
अमन अब और नहीं सह सकता था। उसने पूरी ताकत लगाकर वहाँ से भागने की कोशिश की, लेकिन महिला उसे पकड़ने के लिए तेज़ी से दौड़ी। महिला के कदमों की आवाज़ इतनी तेज़ थी कि अमन के कानों में गूंजने लगी। अचानक अमन की नजरें महिला पर पड़ीं। उसकी आँखों में खून की झलक दिखाई दी, और उसकी त्वचा पूरी तरह से सड़ी हुई थी। अमन का दिल ठहर गया। वह समझ गया कि यह महिला कोई साधारण इंसान नहीं, बल्कि एक बुरी आत्मा थी।
अचानक महिला ने अमन को अपनी बाहों में जकड़ लिया। “तुम मुझे छोड़कर नहीं जा सकते,” महिला बोली और फिर अमन के चेहरे के पास आ गई। उसकी आँखों में एक रहस्यमयी और डरावनी चमक थी, जो अमन की आत्मा को झिंझोड़ रही थी। महिला ने धीरे-धीरे अपने होठों को अमन के कानों के पास लाकर कहा, “तुम्हारे पीछे जो कुछ हुआ, वह केवल शुरुआत थी। तुम्हें मेरी मदद करनी होगी।”
अमन के अंदर एक गहरी सिहरन दौड़ गई। उसने पूरे शरीर में कंपन महसूस किया। उसकी आत्मा भय से कांप रही थी। वह जानता था कि यह रात उसकी जिंदगी की सबसे डरावनी रात बन चुकी थी। “तुम अब मेरे साथ चलोगे, अमन,” महिला ने फिर कहा, और उसकी आवाज़ में एक और गहरी चेतावनी थी।
अमन ने अब और न भागने का फैसला किया। उसने सोचा कि अब उसे इस बुरी आत्मा का सामना करना होगा। तभी महिला अचानक गायब हो गई। लेकिन उसका दिल अब भी भारी था, क्योंकि उसने महसूस किया था कि वह महिला अब भी कहीं आस-पास थी, और वह उसे कभी नहीं छोड़ेगी। अमन ने घर जाने का निर्णय लिया, लेकिन अब उसे महसूस हो रहा था कि वह अकेला नहीं था।
अमन ने घर की ओर बढ़ते हुए सोचा, “क्या यह कोई बुरी आत्मा है, या फिर एक चेतावनी थी?” वह जानता था कि वह अब इस रहस्यमय कहानी का हिस्सा बन चुका था, और उसकी आत्मा को यह कभी नहीं छोड़ने वाली थी।
वह घर पहुँचता है, लेकिन वह जानता है कि अब तक उसकी ज़िन्दगी का वह दिन नहीं बीता था। वह दुर्गा पूजा की रात थी, जब एक भूतिया आत्मा ने उसे अपनी जाल में फंसा लिया था।