जंगल का कानून

(एक छोटे से गाँव के लोग जंगल के पास रहते थे, और वहाँ के लोग हमेशा जंगल के बारे में डरावनी बातें करते थे। कहते थे कि जंगल का अपना कानून है, और वह कानून किसी भी इंसान को माफ नहीं करता।)

गाँववाला 1: “तुमने सुना? पिछले हफ्ते राजू और उसकी टीम जंगल में गए थे, और फिर वे कभी नहीं लौटे। कहते हैं जंगल का कानून सख्त है।”

गाँववाला 2: “हां, वही जंगल। वहाँ रात के वक्त कुछ खौ़फनाक आवाज़ें सुनाई देती हैं। लोग कहते हैं कि जंगल के भीतर एक अजीब सी शक्ति है, जो हर intruder को सजा देती है।”

गाँववाला 3: “हमारे गाँव के बुजुर्ग बताते थे कि जंगल में अगर कोई कानून तोड़ता है, तो वह जंगल कभी उसे वापस नहीं छोड़ता।”

(यह बातें सुनकर किरन, एक साहसी लड़की, जो इन सब बातों को सिर्फ कहानी मानती थी, जंगल में जाकर सच जानने की ठान लेती है।)

(किरन एक दिन, सूर्योदय के समय, जंगल की ओर निकल पड़ती है। उसका मन बहुत उत्साहित था, क्योंकि वह यह देखना चाहती थी कि क्या वाकई जंगल का कोई कानून होता है।)

किरन (सोचते हुए): “यह सब सिर्फ अफवाहें हैं। मैं यह साबित करूंगी कि कोई कानून नहीं है।”

(वह जंगल में प्रवेश करती है, और पहले कुछ कदमों के बाद ही वह महसूस करती है कि जंगल में एक अजीब सी खामोशी है। चारों ओर घना अंधेरा और ठंडी हवा चल रही थी।)

किरन (जोर से): “जंगल, मुझे दिखाओ कि तुम्हारा कानून क्या है।”

(लेकिन कोई जवाब नहीं मिलता, और वह धीरे-धीरे गहरे जंगल में आगे बढ़ती जाती है।)

(किरन जैसे-जैसे जंगल में आगे बढ़ती जाती है, उसे कुछ अजीब सी घटनाएँ होने लगती हैं। पहले तो, एक हल्की सी आवाज़ आती है जैसे कोई उसका पीछा कर रहा हो, फिर अचानक कोई बर्फीली हवा का झोंका उसे महसूस होता है।)

किरन (डरते हुए): “क्या यह सिर्फ मेरी कल्पना है, या फिर वाकई कुछ है?”

(तभी, एक घना जंगल का हिस्सा आता है, जहाँ पेड़ों की शाखाएँ एक-दूसरे से सट कर लटक रही होती हैं। वहाँ एक अजीब सा साया दिखाई देता है, जो तेजी से घूमता हुआ उसकी ओर बढ़ता है।)

किरन (काँपते हुए): “क… कौन है वहाँ?”

(साया अचानक उसे घेरता है, और वह महसूस करती है कि उसे एक तरह की शक्ति ने जकड़ लिया है।)

(साया धीरे-धीरे एक रूप में बदलता है, और सामने एक भयानक क़ैदी का रूप उभरता है। वह एक जंगली इंसान जैसा दिखता है, जिसकी आँखें रक्त से भरी होती हैं।)

क़ैदी (घनी आवाज़ में): “तुमने जंगल का कानून तोड़ा है, अब तुम कभी यहाँ से नहीं जा पाओगी।”

किरन (डरी हुई): “क्या… क्या तुम हो? जंगल का कानून क्या है? तुम कौन हो?”

क़ैदी (गुस्से में): “मैं वही हूँ जो जंगल का रखवाला हूँ। जब कोई यहाँ के नियमों का उल्लंघन करता है, तो उसे मेरी तरह फंसा दिया जाता है।”

(क़ैदी की आवाज़ सुनकर जंगल के चारों ओर और पेड़ हिलने लगते हैं, जैसे पूरा जंगल भी उसकी मदद कर रहा हो।)

(किरन को समझ में आता है कि उसे जंगल से बाहर निकलने का कोई रास्ता नहीं मिलेगा, अगर वह जंगल के कानून का पालन नहीं करती। उसे एहसास होता है कि उसे इस जगह से मुक्ति पाने के लिए एक क़ीमत चुकानी होगी।)

किरन (काँपते हुए): “मैंने क्या किया? मुझे समझ नहीं आ रहा… यह जंगल इतना खौ़फनाक क्यों है?”

(तभी, एक पुराना पेड़ उसकी ओर बढ़ता है, और उसकी शाखाएँ धीरे-धीरे उसके चारों ओर जकड़ने लगती हैं।)

पेड़ (धीरे से, गहरे स्वर में): “तुमने हमारी पवित्रता का उल्लंघन किया है। अब तुम्हें सजा मिलेगी।”

(पेड़ की शाखाएँ पूरी तरह से उसे जकड़ लेती हैं, और वह पूरी तरह से इस जंगल के भीतर कैद हो जाती है।)

(किरन को महसूस होता है कि वह अब जंगल का हिस्सा बन चुकी है। वह किसी भी तरह से बाहर जाने की कोशिश करती है, लेकिन हर कोशिश में वह और अधिक जंगल के भीतर फंसती जाती है।)

किरन (हड़बड़ाते हुए, परेशान हो कर): “यह क्या हो रहा है? मैं… मैं कहाँ जा रही हूँ? क्या मैं कभी बाहर नहीं निकल पाऊँगी?”

(फिर अचानक, एक पुराना मनुष्य सामने आता है, जो अब भी जंगल के शाप का शिकार बना हुआ था।)

पुराना मनुष्य (धीरे से, कातर आवाज़ में): “तुमने वही किया जो हमने किया था। तुम अब इस जंगल के हिस्से हो, और तुम्हें अब कभी नहीं निकलने दिया जाएगा।”

(किरन पूरी तरह से थक चुकी थी। उसे समझ में आता है कि जंगल ने उसे सजा दे दी है, और अब वह कभी भी इस जंगल से बाहर नहीं जा पाएगी।)

किरन (सोचते हुए, हताश): “क्या मैं सच में जंगल का हिस्सा बन चुकी हूँ? क्या इस जंगल का कानून कभी मुझसे रुकने देगा?”

(फिर अचानक, जंगल की हवा धीमे-धीमे शांत हो जाती है, और सब कुछ ठंडा हो जाता है। लेकिन किरन को यह महसूस होता है कि वह अब इस जंगल में कैद हो चुकी है, और जंगल का कानून उसे हमेशा के लिए जकड़ चुका है।)

(किरन को एहसास होता है कि वह अब पूरी तरह से जंगल में खो चुकी है। जैसे-जैसे वह और गहरी जड़ों में फंसती जाती है, पेड़ों के बीच से अजीब, डरावनी आवाज़ें सुनाई देती हैं। पेड़ अपनी शाखाओं से उसे जैसे पुकार रहे हों, और वह पूरी तरह से जकड़ी हुई महसूस करती है।)

किरन (घबराई हुई, जोर से चिल्लाते हुए): “मुझे छोड़ दो! मुझे बाहर जाने दो!”

(किरन चिल्लाते हुए एक दिशा में दौड़ने की कोशिश करती है, लेकिन पेड़ और घास की बेलें जैसे उसे रोकने की कोशिश करती हैं। हर कदम पर उसके चारों ओर अधिक पेड़ घेरने लगते हैं।)

किरन (हड़बड़ाते हुए): “क्या यह सब सच है? क्या मैं सच में यहाँ हमेशा के लिए फंसी हूँ?”

(जंगल के भीतर का वातावरण अब और भी भयावह हो जाता है। उसकी आवाज़ें चारों ओर गूंजने लगती हैं, और उसके आसपास का दृश्य बदलने लगता है। अंधेरे में आकृतियाँ उभरने लगती हैं, जो किसी भयानक प्राणी जैसी दिखती हैं।)

(किरन का दम घुटने लगता है, और उसके चारों ओर एक अजीब सी हवा चलने लगती है, जो जैसे उसके भीतर तक समा जाती है। फिर अचानक, उसे अपनी आँखों के सामने वही पुराना मनुष्य फिर से दिखाई देता है।)

पुराना मनुष्य (उसे घूरते हुए): “तुमने जंगल के कानून को चुनौती दी, और अब तुम्हें भुगतना होगा। हम सब इस जंगल में पाप की सजा भुगत रहे हैं। तुम्हारी सजा अब शुरू होती है।”

किरन (रोते हुए): “मुझे नहीं मालूम था कि मैं क्या कर रही हूँ। मुझे बचाओ, कृपया! मुझे घर जाने दो!”

पुराना मनुष्य (हंसी में, धीरे से): “तुमने क्या किया था, यही जानने के लिए तुम्हें यहाँ आना पड़ा। अब तुम भी उन जैसे बन जाओगी, जिनसे इस जंगल ने अपना बदला लिया।”

(फिर अचानक, उसकी आँखों से रक्त की धारें बहने लगती हैं। वह धीरे-धीरे बदलने लगता है और एक भयानक रूप में बदल जाता है। उसके शरीर से खून और कंकाल के टुकड़े बाहर निकलते हैं, और उसके पास की हवा ठंडी हो जाती है।)

(किरन अब पूरी तरह से डर से बेहल चुकी थी, लेकिन फिर भी उसे अपने शरीर के अंदर एक अजीब सी ताकत महसूस होती है। वह अचानक जंगल के बीच में खड़ी रहती है, और वह देखती है कि उसके चारों ओर हजारों आत्माएँ इकट्ठा हो रही हैं। वे सभी किसी अजीब दायरे में बंद हैं, और उनकी आँखों में खौ़फ और दर्द साफ दिखता है।)

किरन (डरी हुई, कांपते हुए): “त… तुम कौन हो? क्यों ये आत्माएँ मुझे देख रही हैं?”

आत्मा 1 (काँपते हुए): “हम भी वही थे, जो तुम्हारी तरह थे। हमने भी जंगल के नियमों का उल्लंघन किया था। अब हम कभी बाहर नहीं जा पाएंगे। तुम भी हमारे जैसे हो।”

आत्मा 2 (सर्द आवाज़ में): “तुमने जिस रास्ते को चुना है, वह तुम्हें हमेशा इस जंगल में रखेगा। हम सब का यही हाल हुआ था।”

(सभी आत्माएँ धीरे-धीरे उसकी ओर बढ़ने लगती हैं। उनकी आँखों से लाल आंसू बहते हैं, और उनकी आवाज़ें जैसे पूरी दुनिया में गूंजने लगती हैं। यह आवाज़ इतनी भयावह होती है कि किरन के शरीर में हर नस में कंपन होने लगता है।)

(किरन अब महसूस करती है कि उसका शरीर बदलने लगा है। उसकी त्वचा सख्त और काले रंग में बदलने लगती है, और उसकी आँखों से लाल रौशनी निकलने लगती है। वह पूरी तरह से जंगल का हिस्सा बन चुकी है।)

किरन (घबराई हुई, अपने शरीर को देखते हुए): “नहीं! यह क्या हो रहा है? मुझे नहीं चाहिए यह सब!”

साया (धीरे से): “यह जंगल तुम्हें अपनी तरह बना देगा। तुम हमारी तरह बन जाओगी, और फिर हम सब यहाँ हमेशा के लिए रहेंगे।”

(उसका चेहरा अब डर और तकलीफ से बदल चुका होता है। वह पूरी तरह से जंगल के कानून से बंधी हुई महसूस करती है। उसकी चीखें अब जंगल की आत्माओं में मिल जाती हैं, और एक नई आत्मा का जन्म होता है।)

(किरन अब जंगल की प्राचीन आत्माओं में शामिल हो जाती है। उसका शरीर पूरी तरह से बदल चुका है, और वह एक भूतिया रूप में बदल जाती है, जो जंगल में घूमता रहता है। उसकी आवाज़ अब केवल जंगल की हवाओं में सुनाई देती है, और हर व्यक्ति जो जंगल में कदम रखता है, वह भी उसकी तरह बन जाता है।)

किरन (ध्वनि में, अंधेरे से): “अब तुम भी हमारे जैसे बन जाओगे। तुम भी उस जंगल का हिस्सा बन जाओगे, जो कभी किसी को छोड़ता नहीं।”

(किरन की आत्मा अब एक खौ़फनाक साया बन चुकी है, जो हर रात जंगल के अंदर घूमती है और उन लोगों को अपना शिकार बनाती है, जो जंगल के कानून को चुनौती देते हैं।)

क्या कोई भी जंगल के कानून से बच सकता है, या वह हमेशा के लिए जंगल का हिस्सा बन जाता है? जंगल का रहस्य कभी नहीं खुलता, और उसकी आत्माएँ हमेशा के लिए वहीं रह जाती हैं।

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