(गाँव में रात का अंधेरा छा चुका था, और लोग अपने घरों में दुबक कर सोने की कोशिश कर रहे थे। लेकिन एक अजीब सी खामोशी थी, और एक डर फैला हुआ था।)
गाँववाला 1: “कहीं अंधेरी रात का साया तो नहीं आ गया? फिर से वही डरावनी आवाजें सुनाई देने लगी हैं।”
गाँववाला 2: “हां, वही आवाजें… जिनकी वजह से पिछले साल गाँव के कई लोग गायब हो गए थे। कहते हैं, कोई साया हर रात अंधेरे में आता है।”
गाँववाला 3: “मैंने तो सुना है कि यह सब एक भूतिया आत्मा का काम है। वह किसी अनहोनी की प्रतीक है।”
(गाँववाले बातें कर रहे थे, लेकिन सोनिया, एक नौजवान लड़की, जो इन अफवाहों को नकारती थी, वह इस अंधेरी रात के रहस्य को सुलझाने का ठान लेती है।)
(सोनिया एक रात अकेली ही उस गाँव के बाहरी इलाके की ओर बढ़ती है, जहाँ अंधेरी रात के साए के बारे में कहानियाँ सुनने को मिलती हैं।)
सोनिया (सोचते हुए): “यह सब सिर्फ गाँव वालों की कल्पना है। मुझे खुद देखना होगा कि क्या सच में कुछ है यहाँ।”
(सोनिया गाँव के बाहर की एक घनी झाड़ी के पास पहुँचती है, जहाँ से अजीब सी आवाज़ें सुनाई देती हैं। रात का अंधेरा अब गहरा हो चुका था।)
सोनिया (आखिरी बार, जोर से): “क्या कोई है यहाँ? मुझे दिखाओ, मैं डरने वाली नहीं हूँ!”
(अचानक, हवा में एक अजीब सी गंध आती है, और झाड़ियों के पास एक धुंधली सी आकृति उभरती है। सोनिया डर के बजाय और उत्सुक हो जाती है।)
(सोनिया अब पूरी तरह से उस धुंधली आकृति की ओर बढ़ती है। जैसे ही वह पास पहुँचती है, वह आकृति एक साए में बदल जाती है, जो केवल उसे देख रही थी।)
सोनिया (काँपते हुए): “त…तुम कौन हो? क्या तुम वही साया हो, जो हर रात गाँव में आता है?”
(साया अचानक सामने आता है और उसकी आँखों से काली रौशनी निकलने लगती है। सोनिया ठहरकर एक कदम पीछे हटती है।)
साया (धीरे से, गहरे स्वर में): “तुमने गलत किया, सोनिया… तुम मेरे पास आई, और अब तुम्हें कभी नहीं जा पाओगी।”
(सोनिया की धड़कनें तेज़ हो जाती हैं, और उसकी आवाज़ गहरी और भयभीत हो जाती है।)
सोनिया (काँपते हुए): “त…तुम क्या चाहते हो मुझसे?”
साया (हंसी में, धीमे शब्दों में): “मैं वही हूँ, जो तुम्हारे डर का कारण बनी हूँ। मैं वह साया हूँ, जो अंधेरी रात में ढूंढता है अपने शिकार को। तुम अब मेरे जाल में फंस चुकी हो।”
(साया के आस-पास का वातावरण अब और भी डरावना हो जाता है। हवा और भी तेज़ चलने लगती है, और अंधेरा गहरा होता जाता है। सोनिया महसूस करती है कि वह जाल में फंसी हुई है।)
सोनिया (घबराए हुए): “नहीं, मुझे जाने दो! मैं सिर्फ सच्चाई जानने आई थी, मुझे छोड़ दो!”
साया (ठंडी हंसी के साथ): “यह सब जानने की तुम्हारी चाहत अब तुम्हारी सजा बन चुकी है, सोनिया। यही है अंधेरी रात का साया – हर रात किसी को अपना शिकार बनाता है।”
(साया अचानक हवा में घुलकर गायब हो जाता है, लेकिन उसका साया अब सोनिया के चारों ओर मंडराने लगता है। उसकी धड़कन और भी तेज़ हो जाती है, और वह महसूस करती है कि उसे कुछ साया घेरे हुए है।)
(सोनिया साया से डरते हुए अपनी जान बचाने की कोशिश करती है, लेकिन साया उसे छोड़ने के लिए तैयार नहीं था। तभी, सोनिया को एक पुरानी किताब मिलती है, जिसमें अंधेरी रात के साए का इतिहास लिखा होता है।)
सोनिया (किताब पढ़ते हुए): “यह क्या है? यह तो वही साया है, जो एक बार गाँव के एक पुराने राजा का था। उसने अपनी क्रूरता के कारण अपनी आत्मा को अंधेरे में भेज दिया था। और अब वह हर रात किसी निर्दोष को शिकार बनाता है।”
(सोनिया महसूस करती है कि अगर वह इस साए से बचना चाहती है, तो उसे उस पुराने राजा के पापों का समाधान करना होगा।)
(सोनिया उस किताब से एक मंत्र पढ़ती है, जो साए को शांत कर सकता था। लेकिन जैसे ही वह मंत्र पढ़ती है, साया फिर से सामने आता है।)
साया (गुस्से में): “तुमने क्या किया? तुम मेरे रहस्य को जानने की कोशिश कर रहे हो!”
सोनिया (मंत्र पढ़ते हुए): “नमः शिवाय, यह साया अब शांति से सो जाएगा, उसे अब और खौ़फ नहीं मिलेगा।”
(जैसे ही सोनिया मंत्र पूरा करती है, साया एक चिल्लाहट के साथ गायब हो जाता है। हवा शांत हो जाती है और चारों ओर अंधेरा कम होने लगता है।)
(सोनिया अब वापस गाँव की ओर लौटती है, लेकिन वह जानती थी कि वह अंधेरी रात के साए से बचने के लिए एक कड़ा सबक सीख चुकी थी।)
सोनिया (सोचते हुए): “यह सिर्फ अफवाहें नहीं थीं। इस गाँव में कुछ खौ़फनाक रहस्य छिपे हुए थे। मैंने वो सबक सीखा, जो अब तक मैंने समझा नहीं था।”
(गाँव की सड़कों पर रौशनी फैलने लगती है, लेकिन सोनिया को अब भी यह समझ में नहीं आता कि अंधेरी रात का साया कब फिर से लौटेगा।)
(सोनिया गाँव में कुछ दिनों तक शांति महसूस करती है, लेकिन एक रात फिर से वही खौ़फनाक साया दिखाई देने लगता है। वह अब जान चुकी थी कि वह साया सिर्फ एक बार नहीं आया था।)
सोनिया (सोचते हुए, डरते हुए): “क्या वह फिर लौट आया है? मुझे नहीं लगता कि मैं इस बार बच पाऊँगी।”
(एक रात, जैसे ही सोनिया अपने घर में सोने जाती है, अचानक खिड़की के पास एक काली परछाई दिखने लगती है। उसका दिल जोर से धड़कता है।)
सोनिया (बड़बड़ाती हुई): “यह क्या है? क्या वह साया वापस आ चुका है?”
(सोनिया डर से बाहर झाँकती है, लेकिन फिर कुछ भी नहीं दिखता। वह खुद को समझाती है कि वह केवल एक डर का शिकार हो रही है। लेकिन फिर उसे अपनी आँखों के सामने वही साया दिखाई देता है, जो धीरे-धीरे उसके पास आता है।)
(सोनिया का दिल तेज़ी से धड़कता है, और वह पीछे हटती है। साया उसके पास आकर रुकता है और उसकी आँखों में एक अजीब सी काली रौशनी दिखने लगती है।)
साया (गहरी और सर्द आवाज़ में): “तुम मेरी पकड़ से बचने की कोशिश कर रही हो, सोनिया। तुम नहीं जानती कि यह साया क्या चाहता है। अब तुम पूरी तरह से मेरी हो।”
सोनिया (डरी हुई): “तुम क्या चाहते हो मुझसे? मुझे जाने दो, मुझे अब और डर नहीं है।”
साया (हंसी में, धीमे शब्दों में): “तुमसे बदला लेने का समय आ चुका है। तुम सिर्फ शिकार नहीं हो, तुमने खुद अपने कर्मों से मुझे बुलाया है।”
(सोनिया साया की ओर डरते हुए बढ़ती है, और एक आखिरी प्रयास करती है कि वह उस पर काबू पा सके।)
(सोनिया फिर से वही पुरानी किताब निकालती है, जिसमें अंधेरी रात के साए के बारे में लिखा था। वह उसे पढ़ने लगती है, ताकि वह एक आखिरी बार उस साए से मुक्ति पा सके।)
सोनिया (किताब पढ़ते हुए): “यह साया कभी खत्म नहीं हो सकता, जब तक वह अपने पापों का परिणाम नहीं भुगतता। लेकिन उसे केवल एक ही चीज़ शांत कर सकती है… और वह है वह आत्मा, जिसने उसे पैदा किया।”
(सोनिया किताब में लिखा मंत्र पढ़ती है और वह साया फिर से सामने आता है। लेकिन इस बार उसका रूप पहले जैसा नहीं होता, वह और भी डरावना और शक्तिशाली महसूस होता है।)
सोनिया (कांपते हुए, मंत्र पढ़ती हुई): “तुम्हें शांति मिले, तुम अपने पापों का परिणाम भुगतो।”
(सोनिया की आवाज़ गहरी होती जाती है, और अचानक साया के चारों ओर एक हल्की रौशनी होती है, और वह शून्य में गायब हो जाता है।)
(सोनिया अपने कमरे में वापस लौटती है और शांति महसूस करती है। वह समझ जाती है कि इस बार उसने साया को शांत कर दिया है, लेकिन यह भी जानती है कि कुछ चीज़ें हमेशा के लिए बदल जाती हैं।)
सोनिया (सोचते हुए, गहरी सांस लेते हुए): “शायद अब मैंने वह कर लिया, जो मुझे करना चाहिए था। अंधेरी रात का साया अब कभी नहीं लौटेगा।”
(लेकिन उसे यह एहसास भी होता है कि इस गाँव का इतिहास हमेशा अंधेरे में सिमटा रहेगा।)
(एक दिन सोनिया गाँव में घूमते हुए उसी पुराने किले के पास जाती है, जहाँ साया की कहानी शुरू हुई थी। किले का माहौल अब शांति से भरा हुआ था।)
सोनिया (अपने आप से): “यह किला अब शांत है, लेकिन क्या यह कभी पूरी तरह से खत्म हुआ है? क्या यह साया हमेशा के लिए शांति पा चुका है?”
(सोनिया किले के अंदर जाती है और वह पुरानी किताब देखती है, जो अब भी उसी जगह पर पड़ी होती है। उसे यह किताब फिर से अपने हाथों में उठाते हुए लगता है कि किले में कुछ और रहस्य छिपे हुए हैं।)
सोनिया (धीरे से, किताब को खोलते हुए): “क्या यह सच में खत्म हो गया? या फिर कहीं न कहीं, अंधेरी रात का साया अभी भी वापस आने का इंतजार कर रहा है?”